शिमला। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत हिमाचल प्रदेश में बनने वाली कई ग्रामीण सड़कों का काम फिलहाल अटक गया है। विभागीय जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद 49 सड़कों के टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। इससे इन परियोजनाओं के शुरू होने में अब और देरी होने की संभावना है।
49 सड़कों के टेंडर निरस्त
प्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए पीएमजीएसवाई-4 के तहत करीब 300 सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन तकनीकी मूल्यांकन के दौरान कई कमियां सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग को 49 सड़कों के टेंडर निरस्त करने पड़े।
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अधूरे दस्तावेज और लंबित कार्य बने वजह
विभागीय सूत्रों के अनुसार कई ठेकेदारों ने निर्धारित शर्तों को पूरा किए बिना ही नए टेंडरों के लिए आवेदन कर दिया था। कुछ ठेकेदारों के पुराने काम अभी अधूरे थे, बावजूद इसके उन्होंने नई परियोजनाओं के लिए निविदाएं भर दीं। नियमों के अनुसार ऐसे ठेकेदार नई परियोजनाओं के लिए पात्र नहीं माने जाते।
कई टेंडर किए रद्द
इसके अलावा कई आवेदनों में जरूरी प्रमाण पत्र, वित्तीय दस्तावेज और अन्य औपचारिक कागजात अधूरे पाए गए। कुछ मामलों में तकनीकी पात्रता से जुड़ी कमियां भी सामने आईं, जिसके कारण विभाग को संबंधित टेंडर रद्द करने पड़े।
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अब फिर से होगी टेंडर प्रक्रिया
49 परियोजनाओं के टेंडर रद्द होने के बाद अब विभाग को दोबारा निविदाएं आमंत्रित करनी होंगी। नई प्रक्रिया, तकनीकी जांच और मंजूरियों में समय लगने के कारण सड़क निर्माण कार्य शुरू होने में देरी हो सकती है।
गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता: विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ठेकेदारों को टेंडर लेने के लिए सभी विभागीय औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्वीकृत सड़कों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक जल्द पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
