बिलासपुर। हिमाचल में सरकारी बसों में कर्मचारियों की लापरवाही और यात्रियों से जुड़ी शिकायतों के मामले अब कोई नई बात नहीं रह गए हैं। कभी टिकट को लेकर विवाद होता है तो कभी कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल उठते हैं।
मगर जब बात नशे की हालत में ड्यूटी करने की हो तो मामला सिर्फ लापरवाही तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में आ जाती है। ऐसा ही एक मामला बिलासपुर में सामने आया है- जहां HRTC बस में सवार यात्रियों ने परिचालक के खिलाफ गंभीर शिकायत की और मामला इतना बढ़ गया कि बीच रास्ते में बस रुकवाकर दूसरा कंडक्टर भेजना पड़ा।
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नशे की हालत में था परिचालक
मामला सोमवार शाम बिलासपुर से नैना देवी जा रही HRTC बस का है। बस अपने निर्धारित समय शाम 5:40 बजे बिलासपुर बस अड्डे से रवाना हुई थी। सफर के दौरान यात्रियों को शक हुआ कि परिचालक नशे की हालत में है।
कोठीपुरा से कल्लर जा रहे एक यात्री ने आरोप लगाया कि परिचालक ने उससे पूरा किराया तो ले लिया, लेकिन बार-बार मांगने के बावजूद टिकट जारी नहीं किया। जब अन्य यात्रियों ने भी इसी तरह की शिकायत की तो बस के अंदर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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यात्रियों की शिकायत पर जबली में रुकवाई बस
मामला बढ़ने पर यात्रियों ने बिलासपुर बस अड्डा प्रभारी फरोज खान को फोन कर शिकायत दी। शिकायत मिलते ही अड्डा प्रभारी ने तुरंत एक कर्मचारी को जबली भेजकर बस को रुकवाया। इसके बाद वह खुद भी मौके पर पहुंचे और बस में मौजूद यात्रियों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।
किराया लेकर टिकट न देने के आरोप
यात्रियों ने अड्डा प्रभारी के सामने परिचालक पर नशे की हालत में होने और किराया लेकर टिकट नहीं देने के आरोप लगाए। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल परिचालक को बस से हटाया गया और उसकी जगह दूसरे कंडक्टर को भेजकर बस को नैना देवी के लिए रवाना किया गया।
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यात्रियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि HRTC जैसे सरकारी परिवहन में इस तरह की लापरवाही को सामान्य नहीं माना जा सकता। यात्रियों से किराया लेकर टिकट न देना गंभीर मामला है।
सुरक्षा से जुड़ा है सवाल
अगर कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशे में था तो यह यात्रियों की सुरक्षा से भी जुड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों ने HRTC प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
