शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने प्रबंधन के समक्ष नियमितीकरण, पदोन्नति आदि से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए हैं। यूनियन का कहना है कि पात्र कर्मचारी निर्धारित शर्तें पूरी करने के बावजूद लंबे समय से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में फंसे हुए हैं, जिससे उनमें निराशा का माहौल है।

अब तक नहीं मिल पाया स्थायी नियुक्ति का लाभ

बतौर रिपोर्टर्स, इसी सिलसिले में कर्मचारी यूनियन के महासचिव प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया।

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यूनियन ने बताया कि जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने 31 मार्च तक नियमितीकरण के लिए आवश्यक सभी मानदंड पूरे कर लिए थे, उन्हें अब तक स्थायी नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि यह देरी विभागीय स्तर पर फाइलों के लंबित रहने और प्रशासनिक सुस्ती के कारण हो रही है।

लंबे समय से नहीं हुई हैं प्रमोशन्स

यूनियन ने यह भी मुद्दा उठाया कि बोर्ड के विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी पदों पर लंबे समय से पदोन्नतियां नहीं हुई हैं। उप सचिव, अवर सचिव, सेक्शन ऑफिसर, सुपरिंटेंडेंट, सहायक अभियंता, अकाउंट्स कैडर तथा फायरमैन-कम-ड्राइवर जैसे कई संवर्गों में पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसका परिणाम यह है कि कई कर्मचारी बिना पदोन्नति का लाभ लिए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

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प्रतिनिधिमंडल ने जेओआईटी कर्मचारियों की पुष्टि प्रक्रिया में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। यूनियन के अनुसार, लंबे समय से इन कर्मचारियों की कन्फर्मेशन लंबित है, जिससे उनके सेवा संबंधी अधिकार और भविष्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा फील्ड कार्यालयों से भेजी गई तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति फाइलें भी स्वीकृति का इंतजार कर रही हैं।

कर्मचारियों को समय पर मिले उनके अधिकार और सुविधाएं

कर्मचारी नेताओं ने प्रबंधन से मांग की कि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर उनके अधिकार और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है।

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वहीं, बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना ने यूनियन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि सभी लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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