शिमला। हिमाचल प्रदेश में खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों को बड़ा झटका लगा है। इस बार किसानों को डीएपी और एनपीके खाद के लिए पहले से अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।

हिमाचल में अब खाद हुई महंगी

हिमाचल सरकार की ओर से प्रति बोरी 50 रुपये अतिरिक्त सब्सिडी जारी रखने को लेकर अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। जिसके चलते खाद की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में बढ़ता कुत्तों का आतंक : 3 साल में 3 लाख लोगों को काटा, 11 की मौ.त- सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त

किसानों की बढ़ी चिंता

उर्वरक सहकारी संस्था इफको के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नया खाद स्टॉक अब बढ़ी हुई दरों पर ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। खाद के दामों में इजाफा होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

पहले मिल रही थी अतिरिक्त राहत

प्रदेश सरकार पिछले वर्ष किसानों को राहत देने के उद्देश्य से DAP और NPK खाद पर प्रति बोरी 50 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दे रही थी। इस राहत के कारण किसानों को खाद कम कीमत पर उपलब्ध हो रही थी और खेती की लागत कुछ हद तक नियंत्रित रहती थी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में नहीं मिलेंगी दवाइयां : बंद रहेंगी मेडिकल शॉप, मरीजों को हो रही परेशानी

अब नहीं मिलेगी सब्सिडी...

मगर इस वर्ष अब तक सरकार की ओर से सब्सिडी जारी रखने को लेकर कोई नया फैसला सामने नहीं आया है। यही कारण है कि इफको ने बिना सब्सिडी के नई कीमतों पर खाद बेचने की तैयारी कर ली है।

बढ़ीं खाद की कीमतें

नई दरों के अनुसार, खाद की कीमत में भी प्रति बोरी 50 रुपये तक की बढ़ोतरी होने जा रही है। यानी-

  • NPK 12-32-16 खाद की एक बोरी : जो पहले किसानों को 1850 रुपये में मिल रही थी, अब 1900 रुपये में उपलब्ध होगी।
  • DAP खाद की कीमत में भी प्रति बोरी 50 रुपये बढ़ गई है।

यह भी पढ़ें- HP बोर्ड परीक्षा में छेड़छाड़ : बच्चों के सही जवाब काटकर लिखे गए गलत उत्तर, रिपोर्ट में खुलासा

किसानों की जेब पर असर

खाद के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ने की संभावना है। खरीफ सीजन में धान, मक्का और अन्य फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को बड़ी मात्रा में उर्वरकों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक चिंता भी बढ़ गई है।

लंबित भुगतान बना वजह

सूत्रों के अनुसार, IFCO को पिछले वर्ष की सब्सिडी राशि का भुगतान भी अभी तक नहीं मिला है। लगातार लंबित भुगतान और सरकार की ओर से नए आदेश जारी न होने के कारण संस्था के लिए पुराने रेट पर खाद उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है।

यह भी पढ़ें- HRTC बस में स्टूडेंट्स को भी देना होगा किराया, HIM कार्ड के बिना नहीं कर सकेंगे फ्री सफर

किसान पहले से ही परेशान

बताया जा रहा है कि अगर जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया गया तो आने वाले समय में किसानों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। कई किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत, मौसम की मार और उत्पादन खर्च से परेशान हैं।

कृषि विभाग ने कही यह बात

डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर पिछले वर्ष की राशि अभी भी लंबित है। उन्होंने कहा कि सरकार और उच्च अधिकारियों से जो भी दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगे कदम उठाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें- सावधान हिमाचल! अगले दो दिन के लिए HEATWAVE का अलर्ट, जमकर पड़ेगी तेज गर्मी

प्रदेश सरकार के फैसले पर नजर

फिलहाल, किसानों की नजर अब प्रदेश सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है। अगर सरकार जल्द सब्सिडी को लेकर कोई घोषणा नहीं करती- तो खरीफ सीजन में खेती की लागत और बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की जेब पर पड़ेगा।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें