मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक छोटे से गांव की बेटी ने सीमित संसाधनों के बीच अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बड़ी कामयाबी हासिल की है। धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की उपतहसील मंडप के टौर जाजर गांव की विनीता कौंडल ने GATE-XL परीक्षा में ऑल इंडिया स्तर पर 4074वीं रैंक हासिल कर IIT मंडी में आगे की पढ़ाई के लिए अपनी सीट पक्की कर ली है।

टेलर की बेटी ने रचा इतिहास

विनीता को GATE में 408 स्कोर मिला है। विनीता की सफलता इसलिए भी खास है, क्योंकि उनका परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता खेम चंद मंडप में टेलर की छोटी सी दुकान चलाते हैं, जबकि मां गीता देवी आंगनबाड़ी में सहायिका हैं। सीमित आमदनी के बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। विनीता ने भी मेहनत और लगन से माता-पिता के भरोसे को कायम रखा।

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GATE-XL के साथ CSIR-NET भी किया क्वालिफाई

विनीता ने वर्ष 2025 में CSIR-NET की जून और दिसंबर दोनों परीक्षाएं भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की थीं। अब GATE-XL में शानदार रैंक हासिल करने के बाद उन्हें IIT मंडी के School of Biosciences and Bioengineering में M.Tech Research Program में प्रवेश मिला है। 

परिवार के लिए गर्व का क्षण

यह उपलब्धि विनीता के परिवार के लिए गर्व का क्षण है। विनीता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन व सहयोग को दिया है।

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गांव के सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर

विनीता ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मंडप के सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय से B.Sc. की पढ़ाई की। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करना और IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में रिसर्च प्रोग्राम के लिए चयनित होना उनके संघर्ष और मेहनत को दर्शाता है।

विनीता की सफलता से परिवार खुश

विनीता के परिवार में माता-पिता के अलावा उनका एक भाई भी है। बेटी की इस उपलब्धि से माता-पिता खेम चंद और गीता देवी बेहद खुश हैं। गांव में भी उनकी सफलता की चर्चा हो रही है।

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प्रेरणा बनी विनीता

विनीता की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के कारण अपने सपनों को छोटा समझने लगते हैं। उन्होंने साबित किया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो छोटे गांव से निकलकर भी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंचा जा सकता है। गौरतलब है कि हाल ही में विनीता की चाची ने पंचायत प्रधान का चुनाव भी जीता था। अब विनीता की इस उपलब्धि ने पूरे परिवार और गांव का मान बढ़ाया है।

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