ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पेश आए दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर रख दिया है। निजी स्कूल के वाहन की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। स्कूल से घर लौट रही दो मासूम बहनों को वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। जबकि उसकी बड़ी बहन घायल हो गई और अस्पताल में उपचाराधीन है।

स्कूल के पहले दिन बच्ची की मौत

जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब सुशील कुमार की दोनों बेटियां परीक्षा (3) और आशश्वी (5) रक्कड़ कॉलोनी स्थित एक निजी स्कूल से पहली बार कक्षाएं लगाकर घर लौट रही थीं। दोनों बहनें LKG और UKG छात्राएं थीं। स्कूल वाहन उन्हें गांव रायंसरी के पास उतारकर चला गया।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में ठगी पर लगेगी लगाम : पुलिस ने निकाला नया रूल, साइबर थाने में दर्ज होगी FIR

ड्राइवर के ऊपर चढ़ा दी स्कूल बस

बताया जा रहा है कि जैसे ही दोनों बच्चियां वाहन से नीचे उतरीं, चालक ने बिना पीछे देखे टेंपो ट्रैवलर को मोड़ दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम में दोनों बच्चियां वाहन के पिछले पहियों की चपेट में आ गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाया और गंभीर हालत में ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचाया।

 

छोटी की मौत, बड़ी PGI रेफर

अस्पताल में डॉक्टरों ने छोटी बच्ची परीक्षा की हालत बेहद गंभीर बताई और उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। बड़ी बहन आशश्वी को भी चोटें आई हैं और उसका इलाज ऊना अस्पताल में जारी है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर...केंद्र से फरमान जारी- जानिए क्या है वजह

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरत रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बस बच्चों को मुख्य सड़क तक ही छोड़ देती थी, जिसके बाद उन्हें नियमों के विरुद्ध एक निजी टेंपो ट्रैवलर में बैठाकर गांव तक पहुंचाया जाता था।

नशे की हालत में बस चलाता था ड्राइवर

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित वाहन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता था और कई बार चालक की लापरवाही पहले भी देखी गई थी। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि चालक कई बार नशे की हालत में वाहन चलाता हुआ देखा गया था, लेकिन इसके बावजूद इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

यह भी पढ़ें : हिमाचल के नए राज्यपाल आज लेंगे शपथ, तमाम नेताओं ने गर्मजोशी से किया स्वागत

प्रशासन पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर अवैध रूप से चल रहे ऐसे वाहनों और लापरवाह चालकों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जाती तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक और वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि आरोपी चालक बलराम सिंह निवासी घालुवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : सुबह-सवेरे ITI छात्र पर झपटा तेंदुआ, बहादुरी से बचाया खुद को- मार गिराया शिकारी

हादसे के लिए कौन जिम्मेदार?

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बच्चों के परिवहन में नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

पूरे इलाके में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। एक मासूम की मौत और दूसरी बच्ची के घायल होने की खबर से हर कोई स्तब्ध है, वहीं लोग भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें