सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। पच्छाद उपमंडल के डिगरी-सरजेट गांव के समीप हुई इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई। जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
बारिश में फिसली कार
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब छह बजे डिगरी-सरजेट गांव के रहने वाले तीन लोग कार से मढ़ीघाट से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया।
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300 फीट गहरी खाई में गिरी
देखते ही देखते कार सड़क से नीचे करीब 300 फीट गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
जीजा-साले की मौत
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को खाई से बाहर निकाला। दुर्घटना में डिगरी-सरजेट निवासी तपेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी प्रभा देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं कार चला रहे तपेंद्र सिंह के जीजा बलवंत सिंह, जो मरयोग गांव के निवासी थे, गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पत्नी की हालत गंभीर
ग्रामीणों ने दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। बलवंत सिंह को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज नाहन ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल प्रभा देवी का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
108 एंबुलेंस से नहीं मिली मदद
इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद कई बार 108 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क किया गया, लेकिन एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंची।
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ग्रामीणों ने जड़े आरोप
उनका कहना है कि एंबुलेंस चालक ने दुर्घटनास्थल तक आने में असमर्थता जताई, जिसके कारण घायल लोगों को समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल सकी। मजबूरन ग्रामीणों ने अपने निजी वाहनों की व्यवस्था कर घायलों को सिविल अस्पताल सराहां पहुंचाया।
बच सकती थी जान...
ग्रामीणों का कहना है कि अगर हादसे के तुरंत बाद समय पर एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार उपलब्ध हो जाता, तो शायद एक और जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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जांच में जुटी पुलिस टीम
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने वाहन को खाई से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर लगातार हो रही बारिश और सड़क पर फिसलन को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
SP सिरमौर एन.एस. नेगी ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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25 हजार रुपये फौरी राहत
वहीं, पच्छाद के तहसीलदार प्रवीण कुमार चौहान ने दोनों लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत प्रदान की गई है। मृतक तपेंद्र सिंह के पिता को 25 हजार रुपये की फौरी राहत राशि उपलब्ध कराई गई है। जबकि घायल प्रभा देवी के उपचार के लिए 5 हजार रुपये की सहायता राशि जारी की गई है।
