रोहड़ू (शिमला)। हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बिछी सड़कें अब सुरक्षित सफर के बजाय मौत का जाल बनती जा रही हैं। प्रदेश में आए दिन हो रहे सड़क हादसों की फेहरिस्त में एक और दर्दनाक अध्याय जुड़ गया। शिमला जिला के चिड़गांव थाना के अंतर्गत मोंटाडी में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे ने न केवल एक हंसते.खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया, बल्कि पूरे गांव को कभी न भूलने वाला गम दे दिया है।

नई खरीदी गाड़ी ने छीन ली बेटे की जिंदगी

हादसा शुक्रवार देर शाम को उस वक्त पेश आया जब एक नई खरीदी गई टाटा टियागो गाड़ी (टैम्परेरी नंबर) मोंटाडी के पास से गुजर रही थी। अभी गाड़ी के नंबर प्लेट पर पक्का नंबर भी नहीं आया था कि खुशियों की यह सवारी मातम में बदल गई। चश्मदीदों के अनुसार गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे गहरी खाई में जा समाई।

 

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हादसे में चालक की मौके पर मौत 

इस भीषण दुर्घटना में चालक नितिश (27), निवासी गांव डिसवानी, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। महज 27 साल की उम्र में नितिश की मृत्यु से उसके माता-पिता के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गाड़ी में सवार दो अन्य लोग, रूप राज और नितांशी, गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को खाई से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

 

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तेज रफ्तार और लापरवाही ने ली जान

पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण तेज गति और लापरवाही को माना जा रहा है। डिसवानी निवासी देविंद्र सिंह के बयान पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125(ए) और 106 के तहत मामला दर्ज किया है। एएसआई अवतार सिंह मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

 

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गांव में पसरा सन्नाटा, उठ रहे कई सवाल

नितिश की मौत की खबर जैसे ही गांव डिसवानी पहुंची, वहां कोहराम मच गया। जिस युवक के भविष्य के सपने संजोए जा रहे थे, आज उसकी अर्थी उठते देख हर आंख नम थी। हिमाचल के पहाड़ों पर अनियंत्रित रफ्तार का यह खूनी खेल कब रुकेगा, यह एक बड़ा सवाल है। नई कार, नए सपने और एक जवान जिंदगी—सब कुछ चंद पलों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया।

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