शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस का चर्चित बैंड 'हार्मनी ऑफ द पाइन्स' इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हाल ही में इसी बैंड की दो महिला कांस्टेबलों द्वारा कमांडेंट पर मानसिक उत्पीड़न सहित गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला काफी चर्चा में आ गया था। लेकिन अब इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ सामने आया है। दोनों महिला कांस्टेबलों ने महिला पुलिस थाना पहुंचकर अपनी शिकायत वापस ले ली है। उन्होंने अपने बयान भी दर्ज करवाए हैं, जिसके बाद कमांडेंट के खिलाफ दर्ज शिकायत पर आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों ने अपनी शिकायत आखिर किन कारणों से वापस ली।

शिकायत वापस लेते ही बदला पूरे मामले का रुख

कुछ दिन पहले महिला कांस्टेबलों की शिकायत के बाद यह मामला पुलिस महकमे से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया था। शिकायत में कमांडेंट पर मानसिक उत्पीड़न और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। 

 

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अब दोनों महिला कांस्टेबल स्वयं महिला पुलिस थाना पहुंचीं और लिखित रूप से शिकायत वापस लेने का आवेदन दिया। इसके साथ ही उनके बयान भी दर्ज किए गए। शिकायत वापस लिए जाने के बाद कमांडेंट के खिलाफ चल रही कार्रवाई यहीं समाप्त कर दी गई है।

शिकायत वापस लेने की वजह अब भी रहस्य

मामले का सबसे बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है। आखिर दोनों महिला कांस्टेबलों ने अपनी शिकायत वापस क्यों ली? इस संबंध में न तो शिकायतकर्ताओं की ओर से कोई सार्वजनिक बयान सामने आया है और न ही पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक कारण बताया गया है। ऐसे में शिकायत वापस लेने की वजह फिलहाल रहस्य बनी हुई है।

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गोपी जैक्स के खिलाफ मामला अभी भी जारी

हालांकि कमांडेंट के खिलाफ विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन पुलिस बैंड से जुड़े इस पूरे प्रकरण का दूसरा मामला अभी भी जारी है। बैंड से जुड़े गायक गोपी जैक्स के खिलाफ दर्ज मुकदमे में कानूनी प्रक्रिया जारी है। जानकारी के अनुसार बैंड के ही एक अन्य कांस्टेबल ने गोपी जैक्स के खिलाफ अलग शिकायत दर्ज करवाई है। इसी मामले में पुलिस जांच और अन्य कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है।

सामाजिक पहलों को लेकर भी चर्चा में रहे कमांडेंट

जिस कमांडेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी, वे पिछले कुछ महीनों से अपनी सामाजिक पहल के कारण भी चर्चा में रहे हैं। जुन्गा स्थित पुलिस बटालियन में उनकी पहल पर पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लगभग 650 युवक-युवतियों के लिए प्रतिदिन दो समय के निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा भर्ती अभ्यर्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग भी संचालित की जा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर युवा बेहतर तैयारी कर सकें और पुलिस सेवा में चयनित होने का सपना पूरा कर सकें।

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गरीब बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की पहल

कमांडेंट की ओर से जुन्गा क्षेत्र की 22 पंचायतों के जरूरतमंद बच्चों के लिए ई-डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की पहल भी की गई है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा संसाधनों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की सातों पुलिस बटालियनों में इस तरह की पहल पहली बार देखने को मिली है।

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फिलहाल कमांडेंट को राहत, लेकिन दूसरा मामला खुला

महिला कांस्टेबलों द्वारा शिकायत वापस लिए जाने के बाद कमांडेंट को तत्काल राहत मिल गई है और उनके खिलाफ चल रही प्रक्रिया समाप्त हो गई है। हालांकि हार्मनी ऑफ द पाइन्स से जुड़े पूरे विवाद का अध्याय अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, क्योंकि गोपी जैक्स से संबंधित मामला अभी भी पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है। ऐसे में इस पूरे प्रकरण पर आने वाले दिनों में सभी की नजरें बनी रहेंगी।

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