शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी व्यवस्था बदलने जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के समय शुरू की गई हिमकेयर योजना की जगह अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार नई स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी में है। इस बदलाव के साथ प्रदेश के लाखों परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का नया मॉडल मिलने जा रहा है।

 

सबसे बड़ी बात यह है कि नई व्यवस्था में इलाज के लिए मिलने वाली बीमा सुरक्षा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव है। यानी पहले के मुकाबले दोगुना स्वास्थ्य कवर मिलेगा। हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नया स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाना होगा और इसके लिए सालाना प्रीमियम भी चुकाना पड़ सकता है। ऐसे में प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।

 

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हिमकेयर की जगह लेगी नई बीमा योजना

हिमाचल में हिमकेयर योजना को अब पुराने स्वरूप में आगे नहीं चलाया जाएगा। सुक्खू सरकार ने इसकी जगह नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था लाने का फैसला किया है। नई योजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी को एल-वन घोषित करते हुए टेंडर आवंटित किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्वास्थ्य बीमा का संचालन बीमा कंपनी के माध्यम से किया जाएगा। 

अब 5 नहीं, 10 लाख रुपये तक इलाज की सुरक्षा

नई स्वास्थ्य बीमा योजना की सबसे आकर्षक बात इसका बढ़ा हुआ बीमा कवर है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये का बेसिक स्वास्थ्य बीमा और इसके अतिरिक्त 5 लाख रुपये का टॉपअप कवर दिया जाएगा। इस तरह एक परिवार को कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर मिल सकेगा। यानी गंभीर बीमारी, बड़े ऑपरेशन या अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों में परिवारों को पहले के मुकाबले अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

 

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हर परिवार के बीमे पर सरकार खर्च करेगी 4,200 रुपये

नई योजना के तहत बीमा कंपनी को प्रत्येक परिवार के स्वास्थ्य कवर के लिए सालाना 4,200 रुपये देने का प्रस्ताव है। प्रदेश सरकार करीब 10 लाख परिवारों को इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। इस हिसाब से सरकार का सालाना खर्च लगभग 420 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार की ओर से बीमा कंपनी को भुगतान किया जाएगा, लेकिन लाभार्थियों से कितना प्रीमियम लिया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। 

नया कार्ड बनवाना होगा

नई स्वास्थ्य बीमा योजना लागू होने के बाद हिमकेयर के पुराने कार्ड हमेशा के लिए मान्य नहीं रहेंगे। हालांकि, जिन लाभार्थियों के मौजूदा कार्ड की वैधता अभी बाकी है, उन्हें उस अवधि तक पुरानी योजना के तहत उपचार की सुविधा मिलती रहेगी। कार्ड की वैधता समाप्त होने के बाद उन्हें नई योजना में पंजीकरण करवाकर नया स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाना होगा। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों को आने वाले समय में दोबारा कार्ड बनवाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। 

 

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फिलहाल सरकारी अस्पतालों में ही मिलेगा लाभ

नई व्यवस्था में शुरुआत के दौरान उपचार की सुविधा उन्हीं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होगी, जहां पहले से हिमकेयर योजना के तहत निशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही थी। इसके अलावा निजी क्षेत्र के उन अस्पतालों को भी शामिल किया गया है, जहां डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। अन्य निजी अस्पतालों को फिलहाल योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। भविष्य में निजी अस्पतालों को भी इस व्यवस्था से जोड़ने को लेकर सरकार अलग से निर्णय ले सकती है। इसलिए लाभार्थियों के लिए यह जानना जरूरी होगा कि उनका इलाज किन अस्पतालों में बीमा कार्ड के माध्यम से हो सकेगा।

 

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कितना होगा प्रीमियम, जवाब अभी बाकी

नई योजना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर के लिए आम परिवार को अपनी जेब से कितना पैसा खर्च करना पड़ेगा। सरकार ने बीमा कंपनी के साथ प्रति परिवार 4,200 रुपये की दर पर भुगतान का प्रस्ताव रखा है, लेकिन लाभार्थियों के लिए सालाना प्रीमियम की दर अभी निर्धारित नहीं हुई है। आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में प्रीमियम तय करने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि गरीब, मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को नया कार्ड बनवाने के लिए कितनी रकम देनी होगी।

 

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शिकायतों के समाधान के लिए बनेगा अलग केंद्र

नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था में लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार शिकायत निवारण केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के मुताबिक इस केंद्र के माध्यम से लोगों को नई पॉलिसी, स्वास्थ्य कार्ड बनवाने, अस्पतालों में उपचार और बीमा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। यदि किसी लाभार्थी को कार्ड बनवाने, इलाज करवाने या बीमा संबंधी प्रक्रिया में परेशानी आती है तो वह अपनी शिकायत यहां दर्ज करवा सकेगा।

10 लाख परिवारों पर पड़ेगा सीधा असर

हिमकेयर से नई स्वास्थ्य बीमा योजना की ओर बढ़ रहा यह बदलाव हिमाचल प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए अहम है। एक तरफ जहां स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ नए कार्ड और सालाना प्रीमियम को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। अब सभी की नजरें सरकार की ओर से जारी होने वाली अंतिम गाइडलाइन पर टिकी हैं। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किन परिवारों को कितना प्रीमियम देना होगा, नया कार्ड कैसे बनेगा और 10 लाख रुपये के बीमा कवर का लाभ किन शर्तों पर मिलेगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि हिमाचल में हिमकेयर के पुराने मॉडल की जगह एक नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था लेने जा रही है।

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