शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने बिजली बोर्ड के अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए लंबे समय से लंबित मांग को पूरा कर दिया है। इस फैसले के तहत अब उन कर्मचारियों को भी बढ़े हुए वेतनमान का लाभ मिलेगा] जिनकी नियुक्ति वर्ष 2022 से पहले अनुबंध आधार पर हुई थी। इस निर्णय से प्रदेशभर के सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने जा रहा है। बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा जारी आदेशों के बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर है। लंबे समय से वेतनमान में समानता की मांग कर रहे कर्मचारियों ने इसे न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला बताया है।
लंबे इंतजार के बाद मिली आर्थिक राहत
वर्षों से अनुबंध कर्मचारी इस बात को लेकर आवाज उठा रहे थे कि नियमित कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतनमान का लाभ मिल रहा है, जबकि समान अवधि में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रखा गया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष भी बना हुआ था। अब बोर्ड प्रबंधन ने इस विसंगति को दूर करते हुए पात्र अनुबंध कर्मचारियों को भी संशोधित वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से करीब 500 कर्मचारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
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14 से 15 हजार रुपये तक बढ़ेगी मासिक आय
नए आदेश लागू होने के बाद पात्र कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार कई कर्मचारियों की मासिक आय में लगभग 14 से 15 हजार रुपये तक का इजाफा होगा। वेतन बढ़ने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बढ़ती महंगाई के दौर में उन्हें काफी राहत मिलेगी। कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला उनके परिवारों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है।
दो साल का कार्यकाल पूरा करने वालों को मिलेगा लाभ
बोर्ड प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि अनुबंध कर्मचारी निर्धारित दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद इस लाभ के पात्र होंगे। इस संबंध में सभी संबंधित कार्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर इसका लाभ मिल सके।
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न्यायालय के आदेशों के बाद खुला रास्ता
सूत्रों के अनुसार लंबे समय से यह मामला विभिन्न स्तरों पर उठाया जा रहा था। कर्मचारियों ने अपने अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी। मामला न्यायालय तक पहुंचने के बाद बोर्ड प्रबंधन ने अदालत के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए बढ़े हुए वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया। इस फैसले को कर्मचारियों की लंबी लड़ाई और धैर्य का परिणाम माना जा रहा है।
कर्मचारियों ने जताया आभार
बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति अब समाप्त हो गई है और इससे कर्मचारियों में सकारात्मक माहौल बनेगा। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी उनके हितों से जुड़े मामलों का इसी तरह सकारात्मक समाधान किया जाएगा।
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रील बनाने वाले कर्मचारियों पर भी सख्त नजर
इसी बीच बिजली बोर्ड ने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी जारी की है। बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ कर्मचारी बिजली के खंभों पर काम करते समय वीडियो और रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। प्रबंधन ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय मानते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए कहा जाए। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
एक फैसले से बदली सैकड़ों परिवारों की तस्वीर
प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधन के इस फैसले को कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर इससे उनके मनोबल में भी वृद्धि होगी। लंबे समय से राहत की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों परिवारों के लिए यह फैसला किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा।
