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August 10, 2026

हिमाचल में आज की रात 8 जिलों पर भारी, कल भी भयंकर बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

16 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर, लोगों को सावधान रहने की चेतावनी

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himachal weather

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के कारण पहले ही प्रदेश में जनजीवन प्रभावित है और कई सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर तथा पेयजल योजनाएं बाधित चल रही हैं। अब आने वाले दिनों में बारिश का जोर बढ़ने की संभावना ने प्रशासन और लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

आज की रात आठ जिलों पर भारी

मौसम विभाग ने हिमाचल में आज रात से कल सुबह तक भारी से भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार आज रात 1:00 बजे से 11 अगस्त सुबह 9:00 बजे के बीच प्रदेश के बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, मंडी, शिमला और ऊना जिलों में एक दो जगहों पर भारी से लेकर बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

 

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कल इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

10 और 11 अगस्त को बारिश का सबसे ज्यादा खतरा मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, हमीरपुर, मंडी, शिमला और ऊना में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहेगा।

14 से 16 अगस्त तक भी मौसम नहीं देगा राहत

बारिश का दौर केवल अगले एक-दो दिन तक सीमित रहने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने 14, 15 और 16 अगस्त को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 12 और 13 अगस्त को कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम के इस लगातार बने रहने वाले सिस्टम के कारण पहले से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

 

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मानसून में अब तक 157 लोगों की मौत

प्रदेश में मौजूदा मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 9 अगस्त तक बारिश और इससे संबंधित घटनाओं में 157 लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान 257 लोग घायल हुए हैं। इनमें 89 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। बारिश के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।

घर, दुकानें और गोशालाएं भी हुईं तबाह

मानसून ने प्रदेश में सिर्फ सड़क और बिजली व्यवस्था को ही नुकसान नहीं पहुंचाया है, बल्कि बड़ी संख्या में निजी संपत्तियां भी प्रभावित हुई हैं। अब तक 22 पक्के और 22 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि 255 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 217 गोशालाएं और 13 दुकानें भी तबाह हुई हैं। इस अवधि में 201 पालतू पशुओं की मौत हुई है। बारिश और इससे जुड़ी आपदाओं से प्रदेश को अब तक 88,637.55 लाख रुपये के नुकसान का आंकड़ा सामने आया है।

 

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106 सड़कें बंद, बिजली -पानी भी प्रभावित

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। सोमवार शाम 6 बजे तक 106 सड़कें बंद थीं। इसके साथ ही 66 बिजली ट्रांसफार्मर खराब या प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है। 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। आने वाले दिनों में भारी बारिश होने पर इन आंकड़ों में और इजाफा होने की आशंका बनी हुई है।

ब्यास किनारे रहने वालों के मोबाइल पर सीधे पहुंचेगा खतरे का संदेश

लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर के बीच ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर भी है। भविष्य में जलप्रवाह अचानक बढ़ने या पंडोह डैम से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित प्रभावित लोगों को सीधे मोबाइल पर अलर्ट भेजने की व्यवस्था तैयार की जा रही है। बीबीएमबी आईआईटी रुड़की के आईसीईडी सेंटर की मदद से पंडोह डैम से देहरा तक करीब 135 किलोमीटर क्षेत्र के लिए इमरजेंसी एक्शन प्लान तैयार कर रहा है।

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प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

हिमाचल में पहले ही मानसून भारी नुकसान पहुंचा चुका है और अब मौसम विभाग की ओर से फिर भारी बारिश के संकेत दिए गए हैं। ऐसे में नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वालों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। 

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