कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मंदिर प्रशासन ने बड़ा सुरक्षा कदम उठाया है। मंदिर परिसर में एक श्रद्धालु द्वारा खुद को आग लगाने की घटना के बाद अब मंदिर के अंदर ऐसी किसी भी वस्तु को ले जाने पर रोक लगा दी गई है, जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
मंदिर परिसर में ये सब ले जाना बैन
मंदिर प्रशासन और मंदिर न्यास ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए श्रद्धालुओं के बैग, पानी की बोतल, प्लास्टिक की बोतल समेत अन्य संदिग्ध और ज्वलनशील सामान को मंदिर के भीतर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
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प्रवेश द्वार पर होगी सघन जांच
अब श्री ज्वालामुखी मंदिर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की मुख्य प्रवेश द्वार पर जांच की जाएगी। मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं और उनके साथ मौजूद सामान की सघन जांच करेंगे। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
जमा करवाना होगा बैग
श्रद्धालुओं को अपने बैग और अन्य सामान को मंदिर प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थान पर जमा करवाना होगा। इसके बाद ही वे मंदिर के भीतर दर्शन के लिए जा सकेंगे।
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संदिग्ध सामान पर प्रशासन की नजर
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं से भी सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मंदिर परिसर में किसी भी संदिग्ध या ज्वलनशील वस्तु को ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
युवक ने खुद को लगाई आग
हाल ही में मंदिर परिसर में हुई आग लगाने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से यह फैसला लिया गया है। अब प्रवेश व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक सख्त किया जा रहा है, ताकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु
श्री ज्वालामुखी मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
