शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम HRTC ने बसों में टिकटिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर SOP लागू कर दिया है।

HRTC का बड़ा एक्शन

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा, टिकट जारी करने में लापरवाही और राजस्व को होने वाले नुकसान पर प्रभावी रोक लगाना है। नए नियम लागू होने के बाद टिकट संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर परिचालकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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कंडक्टर पर होगी कड़ी कार्रवाई

निगम के अनुसार, कंडक्टर के खिलाफ तय नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। अगर-

  • कोई परिचालक यात्रियों को टिकट जारी नहीं करता
  • निर्धारित किराए से कम राशि का टिकट देता है
  • एक ही टिकट का दोबारा उपयोग करता है
  • गलत पंचिंग करता है

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कर्मियों के लिए अलग-अलग प्रावधान

नए SOP में नियमित और अनुबंध आधार पर कार्यरत परिचालकों के लिए अलग-अलग कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नियमित कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर मामलों में केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमों के तहत चार्जशीट जारी की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी।

 

वहीं, अनुबंध के आधार पर कार्यरत परिचालकों के मामलों की जांच के बाद, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनकी सेवाएं समाप्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। निगम ने स्पष्ट किया है कि बार-बार टिकटिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले परिचालकों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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हर यात्री को देना होगा वैध टिकट

SOP में परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बस में यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को तय किराए के अनुसार वैध टिकट जारी करना अनिवार्य होगा। यदि किसी बच्चे की आयु को लेकर संदेह की स्थिति बनती है और किराए को लेकर स्पष्टता नहीं होती, तो निगम के राजस्व हितों को ध्यान में रखते हुए अधिक मूल्य का टिकट जारी किया जाएगा। बाद में आवश्यक सत्यापन के आधार पर उचित प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

शिकायत करने वाले यात्रियों को मिलेगा इनाम

HRTC ने यात्रियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। अगर कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करवाने या टिकट जारी न करने की शिकायत हेल्पलाइन 1100 से दर्ज कराता है।

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पांच गुना मिलेगा इनाम

जांच में शिकायत सही साबित होती है- तो निगम की ओर से संबंधित यात्री को जारी ना किए गई टिकट की राशि का पांच गुना तक पुरस्कार दिया जाएगा। निगम का मानना है कि इससे यात्रियों को भी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

बिना टिकट यात्रा करने वालों पर भी कार्रवाई

नए नियम केवल परिचालकों तक सीमित नहीं हैं। अगर कोई यात्री स्वयं बिना वैध टिकट यात्रा करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे यात्रियों पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। निगम ने यात्रियों से अपील की है कि बस में चढ़ने के बाद तुरंत टिकट लें और यात्रा समाप्त होने तक उसे अपने पास सुरक्षित रखें।

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पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने पर जोर

HRTC का मानना है कि नए SOP के लागू होने से टिकटिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी, अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा और निगम को होने वाली राजस्व हानि में कमी आएगी। साथ ही, कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर एवं अधिक भरोसेमंद परिवहन सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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