शिमला। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर में सुबह हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिले के कई क्षेत्रों में अचानक हुई तेज ओलावृष्टि से सेब सहित अन्य नकदी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है।मौसम की इस मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और आगामी सीजन की उम्मीदों को झटका पहुंचाया है।
ओलावृष्टि से फसलें तबाह
जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े पांच बजे शिगारचा पंचायत के हुरुवा, शिगारचा और डब्लिंग गांवों में लगभग दस मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई। देखते ही देखते खेत और बागान सफेद ओलों से ढक गए। सेब के पेड़ों पर लगे फलों और नई फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर अन्य सब्जियों और कृषि फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है।
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किसानों की चिंता बढ़ी
स्थानीय बागवानों का कहना है कि इस समय सेब की फसल विकास के महत्वपूर्ण चरण में है। ऐसे में ओलावृष्टि से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित राहत प्रदान करने की मांग उठाई है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम साफ
एक ओर जहां किन्नौर में मौसम ने कहर बरपाया, वहीं प्रदेश के अधिकांश अन्य क्षेत्रों में सुबह से मौसम साफ बना रहा। कई स्थानों पर धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। हालांकि मौसम विभाग ने साफ किया है कि प्रदेश में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है और आगामी दिनों में कई जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
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सात जिलों के लिए यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विभाग ने इन जिलों के लिए आंधी और तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है।
सतर्क रहने की सलाह
अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों, बागवानों और यात्रा करने वाले लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
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छह दिन तक सक्रिय रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अलग-अलग जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज होने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बदल रहे मौसम के कारण प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो रही हैं, जो आने वाले दिनों में और प्रभावी हो सकती हैं।
20 जून के बाद मानसून की दस्तक के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार 20 जून के बाद हिमाचल प्रदेश में कभी भी मानसून प्रवेश कर सकता है। सामान्य तौर पर राज्य में मानसून 22 से 25 जून के बीच पहुंचता है और इस बार भी इसके निर्धारित समय के आसपास दस्तक देने के संकेत मिल रहे हैं। यदि मौसम प्रणाली इसी प्रकार सक्रिय रही तो प्रदेश में जल्द ही मानसूनी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
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तापमान में आएगी गिरावट
मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में होने वाली बारिश का असर तापमान पर भी पड़ेगा। अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और वातावरण में ठंडक बढ़ेगी।
सुहावने मौसम का आनंद ले रहे पर्यटक
प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर इन दिनों मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाएं, बादलों की आवाजाही और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। शिमला, मनाली, डलहौजी, कुफरी और अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
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मौसम में आई ठंडक
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि मौसम में आई ठंडक और खूबसूरत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की दस्तक के साथ पहाड़ों की सुंदरता और भी निखरने की उम्मीद है।
