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July 28, 2026
हिमाचल में भारी बारिश से मचा हाहाकार : घरों में घुसा मलबा, कई गाड़ियां फ्लैश फ्लड में बहीं
हिमाचल में 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रहा है। सोमवार रात हुई तेज बारिश ने चंबा जिले में लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दीं। आधी रात को हुई मूसलाधार बारिश के कारण सरोल मोहल्ले में अचानक फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति बन गई।
तेज बहाव के साथ आए पानी और मलबे ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। हालात इतने खराब हो गए कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए रात के अंधेरे में घरों से बाहर निकलना पड़ा। कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जबकि कुछ लोगों ने पूरी रात सड़क किनारे या खुले स्थानों पर गुजारनी पड़ी।
बारिश के साथ आए भारी मलबे ने इलाके में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई मकानों में मिट्टी, पत्थर और मलबा भर गया, जिससे घरों के अंदर रखा सामान भी खराब हो गया। एक मकान की पूरी मंजिल मलबे में दब गई, जिससे भवन को गंभीर क्षति पहुंची।
कई वाहन भी मलबे और पत्थरों की चपेट में आ गए, जिनमें टूट-फूट की घटनाएं सामने आई हैं। प्रभावित परिवार अब नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं, जबकि प्रशासन भी स्थिति का जायजा ले रहा है।
उधर, राजधानी शिमला में भी सोमवार रात से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर छोटे-छोटे नालों और खड्डों का जलस्तर बढ़ने से लोगों में चिंता का माहौल है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर भी गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले छह दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है और कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
विशेष रूप से 30 और 31 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज के लिए सिरमौर और बिलासपुर जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शिमला, मंडी और सोलन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश होने के साथ जलभराव, छोटे नालों में उफान और भूस्खलन जैसी स्थितियां बनने की आशंका जताई गई है।
IMD ने मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी व्यक्त किया है। विभाग का कहना है कि अचानक तेज बारिश होने की स्थिति में छोटे नाले और खड्ड अचानक उफान पर आ सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होने की आशंका रहती है।

ऐसे में लोगों को नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार,
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में 2 अगस्त तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम बढ़ सकता है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
बारिश बढ़ने के साथ प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। अभी अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ अधिक दर्ज किया जा रहा है, लेकिन लगातार बादल छाने और वर्षा होने से आज से तापमान में हल्की गिरावट शुरू होने की संभावना है। 30 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ने पर दिन के तापमान में और अधिक कमी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि बारिश से जुड़ी परेशानियां बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी।