शिमला। नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं और अपना छोटा कारोबार शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए हिमाचल सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार अब एक ओर युवाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देगी।

 

वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के लिए नियमों को आसान बनाते हुए प्रदेश में 24 घंटे दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति भी दे दी गई है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में ये महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 500 युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का विशेष बजट प्रावधान किया है।

ई-रिक्शा खरीदने वालों को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने ई-रिक्शा खरीदने वाले युवाओं के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। चालू वित्त वर्ष में 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने पर 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। यह राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का उद्देश्य युवाओं को उनके घर के आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है।

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सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री ने विभाग को प्रमाण-पत्र, लाइसेंस और अन्य सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटाइज करने के निर्देश दिए हैं। इससे युवाओं और व्यापारियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी काम पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकेंगे।

अब प्रदेश में 24 घंटे खुल सकेंगी दुकानें

सरकार ने व्यापारियों को भी बड़ी राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 में संशोधन किया है। इसके तहत अब प्रदेश में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति दी गई है।

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सरकार का मानना है कि इस फैसले से छोटे कारोबारियों की आय बढ़ेगी, व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी करने का अवसर मिलेगा।

बैठक में मौजूद रहे मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी

इस उच्चस्तरीय बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित श्रम एवं रोजगार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में युवाओं, श्रमिकों और कारोबारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं और सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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