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July 21, 2026
हिमाचल में कल भी भारी बारिश का अलर्ट: फ्लैश फ्लड की चेतावनी, आज बादल फटने से 6 घर तबाह
हिमाचल में 27 जुलाई तक नहीं मिलेगी राहत, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप लगातार देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से प्रदेशभर में हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कहीं भूस्खलन हो रहा है तो कहीं फ्लैश फ्लड और उफनते नाले लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कें बंद हो रही हैं, बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और कई क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। हालांकि मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए रेड अलर्ट नहीं जारी किया है, लेकिन भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के खतरे को लेकर चेतावनी बरकरार रखी गई है।
मानसून की सबसे बड़ी मार कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की बोह घाटी में देखने को मिली। यहां मंगलवार को बादल फटने की घटना के बाद अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा गांवों की ओर आ गया। स्पैड़ा और गढ़गून गांवों में देखते ही देखते हालात भयावह हो गए। मलबे और तेज बहाव की चपेट में आकर कम से कम छह मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई गौशालाएं और पशु आश्रय स्थल भी मलबे में दब गए। ग्रामीणों के अनुसार कई मवेशियों के नुकसान की भी आशंका है। राहत की बात यह रही कि खतरे के संकेत मिलते ही कई परिवार समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए थे। इसी वजह से इस प्राकृतिक आपदा में किसी जानी नुकसान की सूचना नहीं है।
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लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की टीमें मशीनों के साथ मार्ग बहाली में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
मानसून की मार केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। प्रदेश में 508 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई क्षेत्रों में अंधेरा पसरा हुआ है। वहीं 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां कई स्थानों पर बिजली और पानी दोनों सेवाएं बाधित हैं।
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में बाढ़ और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में खतरा पैदा हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंबा, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 27 जुलाई तक मौसम पूरी तरह साफ होने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि 24 जुलाई को शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा, वहीं 25 जुलाई को हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस मानसून सीजन ने अब तक प्रदेश को भारी नुकसान पहुंचाया है। विभिन्न बारिश, भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और अन्य आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि प्रदेश की 145 सड़कों पर यातायात बंद हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता फिलहाल कम है, लेकिन मानसूनी गतिविधियां लगातार जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल हिमाचल में मौसम का मिजाज लोगों की चिंता बढ़ा रहा है और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है।