#यूटिलिटी
July 23, 2026
हिमाचल में मानसून दे रहा जख्म: 66 लोगों ने गंवाया जीवन, करीब 100 सड़कें बंद
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 28 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। प्रदेशभर में भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण करीब 100 सड़कें बंद हैं, जबकि इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं 24 से 26 जुलाई के दौरान चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और ऊना के अलग-अलग क्षेत्रों में भी भारी वर्षा होने का अनुमान है।
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में भूस्खलन हो रहा है। मलबा आने से करीब 100 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और प्रशासन सड़कें बहाल करने में जुटा है।
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि मौसम को देखते हुए केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। प्रभावित परिवार अपने बह गए सामान और गहनों की तलाश में जुटे हैं। क्षेत्र में मक्की की फसल बर्बाद हो चुकी है। कई सड़कें, संपर्क मार्ग और पुलियां बह जाने से गांवों का संपर्क टूट गया है।
उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने 160 प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बोह में की है। वहीं बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीडियो कॉल के माध्यम से प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
नियांगल पंचायत के मियोली गांव में नाले का बहाव बदलने से 15 घर खतरे की जद में आ गए हैं। इनमें से चार परिवारों के मकानों और आंगनों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।