चंबा। हिमाचल प्रदेश में दिवाली का त्योहार अपने साथ खुशियों, रोशनी और उत्साह की सौगात लेकर आता है। इस दिन हर कोई अपने कामकाज से समय निकालकर परिवार के साथ त्योहार मनाने की कोशिश करता है। चाहे परिवार का कोई सदस्य किसी दूसरे राज्य में नौकरी करता हो या किसी सरकारी विभाग में तैनात हो, दिवाली पर घर पहुंचने की उसकी कोशिश रहती है। लेकिन हिमाचल में एक ऐसा विभाग भी है, जिसके कर्मचारियों के लिए दिवाली का मतलब परिवार के साथ छुट्टियां मनाना नहीं, बल्कि दूसरों के घरों और खुशियों की सुरक्षा करना है।
यह विभाग है अग्निशमन विभाग। दिवाली पर पटाखों, आतिशबाजी और अन्य कारणों से आग लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी जाती हैं। इस बार चंबा में भी विभाग ने सुरक्षा का मोर्चा संभाल लिया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग के सभी 26 कर्मचारियों को ड्यूटी पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन कर्मियों की छुट्टियां रद्द
दिवाली पर जहां लोग अपने घरों को दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाने में जुटे रहते हैं, वहीं अग्निशमन विभाग के कर्मचारी किसी भी अनहोनी से निपटने की तैयारी में लगे हैं। आम दिनों में चंबा अग्निशमन केंद्र में करीब 8 से 10 कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हैं, लेकिन त्योहार को देखते हुए इस बार सभी 26 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
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विभाग ने कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 4 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक निर्धारित की है। इनमें लीडिंग फायरमैन, चालक और गृहरक्षक शामिल हैं। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि आगजनी की सूचना मिलते ही बिना देरी किए घटनास्थल के लिए रवाना हों, ताकि शुरुआती समय में ही आग पर काबू पाया जा सके।
तीन दमकल गाड़ियां, हजारों लीटर पानी के साथ तैयार
त्योहार के दौरान किसी भी बड़ी आगजनी की घटना से निपटने के लिए विभाग ने अपने संसाधनों को भी तैयार कर लिया है। जिला मुख्यालय में तीन वाटर बाउजर गाड़ियां तैनात रहेंगी। इसके अलावा एक छोटी जीप और बाइक को भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।
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विभाग की सबसे बड़ी वाटर बाउजर गाड़ी में 9 हजार लीटर पानी जमा करने की क्षमता है, जबकि अन्य दो गाड़ियों में 4,500-4,500 लीटर पानी उपलब्ध रहेगा। सभी अग्निशमन वाहनों की मरम्मत और जरूरी जांच पूरी कर ली गई है। शहर में लगे अग्निशमन हाइड्रेंट की भी जांच की जा रही है, ताकि आग लगने की स्थिति में पानी की आपूर्ति बाधित न हो।
दुकान के बाहर रेत और पानी रखने की सलाह
अग्निशमन विभाग केवल अपनी तैयारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुकानदारों और आम लोगों को भी जागरूक कर रहा है। दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर रेत से भरी बाल्टी और पानी से भरे बर्तन रखने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य छोटी आग लगने पर दमकल वाहन पहुंचने से पहले ही शुरुआती स्तर पर उसे बुझाने का प्रयास करना है। विभाग ने लोगों से पटाखे चलाते समय विशेष सावधानी बरतने, ज्वलनशील सामान से दूरी बनाए रखने और आतिशबाजी के दौरान बच्चों पर नजर रखने की अपील की है। साथ ही लोगों को ऐसी जगहों पर पटाखे न चलाने की सलाह दी गई है, जहां आग फैलने का खतरा अधिक हो।
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दूसरों की खुशियां सुरक्षित रखने के लिए त्योहार पर भी ड्यूटी
अग्निशमन विभाग के अधिकारी राजेश ठाकुर ने बताया कि दिवाली को देखते हुए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। सभी 26 कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और उन्हें हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दमकल वाहनों और शहर के हाइड्रेंट की जांच की जा रही है। दुकानदारों को भी जरूरी एहतियात बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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दिवाली पर जब पूरा शहर रोशनी में डूबा होगा, तब अग्निशमन विभाग के ये कर्मचारी किसी भी आपात सूचना का इंतजार करते हुए मोर्चे पर तैनात रहेंगे। उनके लिए त्योहार की सबसे बड़ी खुशी यही होगी कि चंबा में हर परिवार की दिवाली सुरक्षित और खुशहाल रहे।
