शिमला। हिमाचल प्रदेश में करवाचौथ का पर्व पूरी धूमधाम से मनाया जा रहा है। ये व्रत महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं सज संवर कर पति की दीर्घायु के लिए निर्जल व्रत रखती हैं। इस व्रत को चांद को देखकर खोला जाता है। ऐसे में महिलाओं के लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि चांद कब निकलेगा।
चांद का इंतजार करती हैं महिलाएं
व्रत रखने वाली महिलाएं शाम से ही आसमान पर नजरें जमाए रहती हैं। इस वक्त महिलाएं सजधज कर पूजा की तैयारी करती हैं और चांद का इंतजार करती दिखती हैं। बता दें कि हर शहर में चांद निकलने का समय अलग होता है।
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शिमला में इस समय चांद के दीदार
देश के मुख्य शहरों में चांद निकलने का वक्त अलग होता है। प्रदेश की बात करें तो राजधानी शिमला में चांद निकलने का समय 8 बजकर 6 मिनट है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी चांद निकलने का समय इसी के आसपास होगा।
9 अक्टूबर रात से चतुर्थी तिथि शुरू
गौरतलब है कि करवा चौथ का व्रत कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात 10 बजे 54 मिनट से आरंभ हो चुकी है।
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7 बजे होगा चतुर्थी तिथि का समापन
चतुर्थी तिथि का समापन 10 अक्तूबर शाम 7 बजकर 11 मिनट पर होगा। बता दें कि महिलाएं पूरा दिन निर्जल व्रत रखने के बाद शाम को पूजा, कथा व चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
इन चीजों से सजाएं पूजा की थाली
- छलनी, मिट्टी का टोंटीदार करवा और ढक्कन
- दीपक, सिंदूर, फूल, मेवे, फल, रुई की बत्ती
- कांसे की 9 या 11 तीलियां नमकीन मठ्ठियां
- मीठी मठ्ठियां, मिठाई
- रोली और अक्षत (साबुत चावल)
- आटे का दीपक, धूप या अगरबत्ती
- पानी का तांबा या स्टील का लोटा
- आठ पूरियों की अठावरी और हलवा व दक्षिणा
