मंडी। भविष्य जानने के लिए कोई हथेली पढ़ता है तो कोई टैरो कार्ड रीडिंग करता है लेकिन देव भूमि हिमाचल में चावल के दाने आपका भविष्य बता सकते हैं। वर्षों से चली आ रही इस देव परंपरा में आज भी प्रदेश के लोग अटूट विश्वास रखते हैं।
कोई भी काम शुरू करने से पहले देव-वाणी
हिमाचल के लोग आज भी कोई काम शुरू करने से पहले और किसी समस्या का हल जानने के लिए देवताओं की राय लेते हैं। इस मान्यता में जब देवता चावल के माध्यम से अपना संदेश देते हैं तो इसे देव-वाणी कहा जाता है।
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किस तरह चावलों से होती है भविष्यवाणी ?
- सबसे पहले तो कोई व्यक्ति मन्नत मांगता है
- मन्नत सुख समृद्धि, खुशहाली या किसी अन्य कार्य को लेकर हो सकती है
- फिर मन्नत के लिए चावलों के दानों का सहारा लिया जाता है
- देवता का गुर 3 उंगलियों से बिना गिने चावल के कुछ दाने उठाकर व्यक्ति की हथेली पर रखता है
- अगर दाने 3, 5, 7, 9 की संख्या में आए को इसे देवता की सहमति माना जाता है
- अगर दाने 2, 4, 6, 8 की संख्या में आए तो ये देवता की असहमति मानी जाती है
- अगर चावल के दानों के साथ देवता के फूल आ जाएं तो उनकी गिनती नहीं होती
- ये व्यक्ति की किस्मत पर तय होता है कि उसके मन में चल रहे सवाल का देवता क्या जवाब देते हैं
प्रसाद में भी दिए जाते हैं यही चावल
इस प्रक्रिया में चावल के दानों के अलावा किसी दूसरे सूखे अनाज का इस्तेमाल भी किया जा सकता है लेकिन ज्यादातर देवी देवताओं के यहां चावल के दानों से ही देव-वाणी की जाती है। श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भी इन्हीं चावलों के दानों और फूलों को दिया जाता है।
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प्रदेश में आज भी जिंदा देव परंपराएं
हिमाचल में लोग इसी तरह चावल के दानों से अपने देवता का संदेश जानते हैं। हो सकता है कुछ लोग इन बातों पर विश्वास न करें लेकिन देव भूमि हिमाचल ऐसी कई हैरान करने वाली परंपराओं से विद्यमान है।
