शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल मंत्रिमंडल की अहम बैठक आज सोमवार दोपहर बाद कई बड़े फैसलों के साथ समाप्त हुई। बैठक में करीब 64 एजेंडा आइटमों पर चर्चा के बाद सरकार ने आपदा राहत, पंचायत पुनर्गठन, रोजगार और पुलिस भर्ती से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई।

आपदा राहत पैकेज में बड़ा बदलाव

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय आपदा राहत पैकेज में बदलाव को लेकर रहा। अब राज्य सरकार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर देगी। पहले ऐसी स्थिति में 7 लाख की सहायता मिलती थी, जिसे अब 1 लाख और बढ़ा दिया गया है।

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इसके अलावा आगजनी से नुकसान झेलने वाले परिवारों को भी बड़ा राहत पैकेज दिया गया है। पहले जहां पूर्ण मकान के आग लगने पर 1.30 लाख रुपये की सहायता मिलती थी, वहीं अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 7 लाख रुपये मकान और 1 लाख रुपये संपत्ति नुकसान के लिए तय किया है। इससे आग से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन

मंत्रिमंडल ने पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि इस प्रक्रिया के बाद राज्य में नई पंचायतों का गठन भी संभव है।

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पंचायत चुनावों को लेकर जब सवाल उठे तो ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे। हालांकि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और 22 दिसंबर को सुनवाई है, इसलिए कुछ निर्णय न्यायालय के आदेश पर भी निर्भर करेंगे।

रोजगार और भर्तियों पर बड़े फैसले

बैठक में रोजगार से जुड़े कई निर्णय भी लिए गए। मनरेगा के तहत कार्यदिवस बढ़ाकर 150 दिन करने का निर्णय लिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा और मजबूत होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए 1000 रोगी मित्र (Patient Care Assistants) की भर्ती को मंजूरी मिली।

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पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल भर्ती करने पर भी सहमति बनी है, जिससे सुरक्षा ढांचे को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही जेई (सिविल) के 150 पदों को भरने की अनुमति दी गई है, जो कि निर्माण और विकास कार्यों को गति देगा।

बैठक के फैसलों का पड़ेगा महत्वपूर्ण प्रभाव

यह बैठक राहत, पुनर्निर्माण, प्रशासनिक सुधार और रोजगार पर केंद्रित रही। आपदा से जूझ रहे प्रदेश के लिए राहत पैकेज बढ़ाना और ग्राम स्तरीय ढांचे को पुनर्गठित करना सरकार की प्राथमिकता में दिखा। आने वाले पंचायत चुनावों और भर्ती प्रक्रियाओं पर भी इस बैठक के फैसलों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

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