शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान लगातार चढ़ रहा है। इसी बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा होली के दिन शाम को शिमला पहुंचीं।

शिमला पहुंची प्रियंका गांधी वाड्रा

प्रियंका का यह दौरा भले ही निजी बताया जा रहा हो, लेकिन समय और परिस्थितियों को देखते हुए इसे राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।  प्रियंका गांधी चंडीगढ़ तक हवाई मार्ग से पहुंचीं और वहां से सड़क के रास्ते शिमला आईं।

यह भी पढ़ें : हिमाचल के बेटे ने CA की परीक्षा में किया टॉप, पाया दूसरा रैंक- रिजल्ट देख नहीं हो रहा था यकीन

राज्यसभा चुनाव की खींचतान

राजधानी से लगभग 12 किलोमीटर दूर छराबड़ा स्थित उनके निजी आवास पर वे ठहरी हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि उनका दो से तीन दिन रुकने का कार्यक्रम है। मगर आधिकारिक तौर पर इसे निजी प्रवास बताया गया है, लेकिन राज्यसभा चुनाव के नामांकन की घड़ी नजदीक होने के कारण राजनीतिक हलकों में इस दौरे के अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

उनके आगमन के साथ ही छराबड़ा और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस बल की तैनाती के साथ आवास के आसपास निगरानी तेज कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस ने दो युवकों से बरामद की साढ़े 4 किलो चरस, नई टैक्सी में निकले थे सप्लाई करने

दो साल पुराने घटनाक्रम की छाया

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दो वर्ष पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम से पार्टी ने सबक लिया है। उस समय क्रॉस-वोटिंग और आंतरिक असंतोष ने पार्टी की छवि को झटका दिया था। इस बार हाईकमान किसी भी प्रकार की असहमति या बगावत की संभावना को पहले ही भांप लेना चाहता है।

गुटबाजी को रोकने की कोशिश

बताया जा रहा है कि नामांकन के दिन कोई असंतुष्ट नेता पर्चा दाखिल न कर दे, इस पर विशेष नजर रखी जा रही है। यही वजह है कि वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी को रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : अस्पताल गई महिला नहीं लौटी घर, तलाश में भटक रहा पति- सता रहा अनहोनी का डर

टिकट को लेकर चौंकाने वाला फैसला

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन वाले दिन ही प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया। जहां कई वरिष्ठ नेता अपनी दावेदारी मजबूत मान रहे थे, वहीं पार्टी ने युवा चेहरे अनुराग शर्मा पर भरोसा जताया।

नाराज नेताओं पर भी नजर

यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अनुभवी नेताओं को इस बार प्राथमिकता नहीं दी गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। हालांकि, अंदरखाते कुछ असंतोष की खबरें भी सामने आईं, लेकिन फिलहाल नेतृत्व ने स्थिति को नियंत्रण में रखा हुआ है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : होली पर बेसहारा हुए 3 मासूम बच्चे, शटरिंग करते चौथी मंजिल से गिरा पिता- तोड़ा दम

सियासी संदेश क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका गांधी की मौजूदगी केवल पारिवारिक प्रवास नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संकेत भी हो सकती है। चुनाव से ठीक पहले वरिष्ठ नेता का राज्य में रहना यह दर्शाता है कि पार्टी किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

अंदरूनी खींचतान की नई बहस

राज्यसभा नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस में गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पार्टी इस बार एकजुटता का संदेश देने में सफल रहती है या फिर अंदरूनी खींचतान नई बहस को जन्म देती है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें