कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में निकाय चुनावों के नतीजे आने के बाद से ही सूबे का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दल जोड़.तोड़ की बिसात बिछाकर अपने.अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के लिए राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हैं। कई नगर निकायों में निर्दलीय पार्षदों की बंपर जीत के बाद उन्हें अपने पाले में करने के लिए दोनों पार्टियों ने पुरजोर प्रयास किए। लेकिन इन सब दांव-पेचों के बीच देवभूमि कुल्लू की राजनीति में एक ऐसा अनोखा और अप्रत्याशित समीकरण देखने को मिला जिसने दिग्गजों को हैरान कर दिया है।

निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी

कुल्लू नगर परिषद में इस बार सत्ता की चाबी जिन निर्दलीय पार्षदों के हाथ में थी, उन्होंने किसी भी राजनीतिक दल का दामन थामने के बजाय खुद ही नगर परिषद की कमान संभालने का फैसला कर लिया। नतीजा यह रहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर भाजपा और कांग्रेस दोनों को बड़ा राजनीतिक झटका दे दिया।

 

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निर्दलीयों ने बदल दिया पूरा खेल

कुल्लू नगर परिषद के चुनाव परिणाम आने के बाद से ही यह चर्चा थी कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कांग्रेस और भाजपा को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। दोनों दल अपने-अपने स्तर पर राजनीतिक समीकरण बनाने में जुटे थे, लेकिन अंतिम समय में निर्दलीय पार्षदों ने ऐसा दांव खेला जिसने पूरे राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया। निर्दलीय पार्षदों ने किसी भी दल को समर्थन देकर सत्ता सौंपने के बजाय खुद ही नेतृत्व संभालने का फैसला किया और नगर परिषद में अपनी मजबूत उपस्थिति का एहसास करा दिया।

किंगमेकर खुद बन गए किंग

दरअसल कुल्लू नगर परिषद के 11 वार्डों में से इस बार 5 सीटों पर आजाद यानी निर्दलीय उम्मीदवारों ने परचम लहराया था, जबकि भाजपा और कांग्रेस के खाते में महज तीन.तीन सीटें ही आई थीं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी का फैसला करने की ताकत रखने वाले इन निर्दलीयों ने किसी दल को बैसाखी देने के बजाय खुद ही राजा बनने का फैसला किया। गुरुवार को हुई चुनावी प्रक्रिया के बाद पहली बार कुल्लू नगर परिषद के इतिहास में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही पदों पर निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज कर नया इतिहास रच दिया।

 

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आशा ठाकुर अध्यक्ष, शालिनी निर्विरोध बनीं उपाध्यक्ष

नगर परिषद कार्यालय में एसडीएम कुल्लू निशांत ठाकुर की देखरेख में चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर भी मौजूद रहे। वार्ड नंबर.8 से निर्दलीय पार्षद शालिनी राय भारद्वाज ने नामांकन भरा। उनके सामने भाजपा समर्थित वार्ड नंबर.11 के पार्षद राहुल कौशल ने पर्चा दाखिल किया था, लेकिन बाद में राहुल ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके साथ ही शालिनी राय भारद्वाज निर्विरोध उपाध्यक्ष चुन ली गईं।

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जबकि अध्यक्ष पद के लिए दो निर्दलीय आमने.सामने आ गए। वार्ड नंबर.3 से आशा ठाकुर और वार्ड नंबर.1 से पुष्पा देवी के बीच मुकाबला हुआ। मतदान के दौरान कुल 10 पार्षदों और विधायक के वोट पड़े ;वार्ड.5 की पार्षद पूजा शर्मा गैर.हाजिर रहींद्ध। आशा ठाकुर ने 8 वोट हासिल कर शानदार बाजी मारीए जबकि पुष्पा देवी को महज 3 वोट मिले।

सफाई, विकास और शहर के सौंदर्यीकरण पर फोकस

नई अध्यक्ष आशा ठाकुर ने पद संभालने के बाद कहा कि कुल्लू शहर में कूड़ा प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। नगर परिषद की पूरी टीम के साथ मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी पार्षदों को शहर के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए ताकि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके।

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वहीं नई उपाध्यक्ष शालिनी राय भारद्वाज ने कहा कि नगर परिषद के सभी सदस्य मिलकर कुल्लू को स्वच्छ सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की बुनियादी समस्याओं के समाधान के साथ.साथ शहर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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