मंडी। हिमाचल प्रदेश के पूर्व CM और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को मंडी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राज्य की सुक्खू सरकार पर आबकारी नीति में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष के बीच में आबकारी नीति में किए गए परिवर्तन से विभाग को प्रति पेटी 1250 रुपये का घाटा हो रहा है, जिससे उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम की पूर्ण बहाली की प्रतीक्षा कर रहे हैं,।
केजरीवाल मॉडल किया लागू
जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने एक्साइज पॉलिसी में बदलाव कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, यह सरकार केजरीवाल मॉडल लागू कर रही है। जल्द ही इस भ्रष्टाचार का खुलासा होगा और दिल्ली की तरह यहां भी मंत्री और अधिकारी जेल जाएंगे।
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आपदा राहत पैकेज के दावे हवा-हवाई
- नेता प्रतिपक्ष ने 2023 में घोषित 4500 करोड़ रुपये के आपदा राहत पैकेज को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब इस पैकेज का विवरण मांगा गया तो सरकार के पास ठोस आंकड़े नहीं थे।
- उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से झूठे वादे किए। 4500 करोड़ रुपये के पैकेज में से अब तक 300 करोड़ रुपये भी प्रभावितों तक नहीं पहुंचे हैं। जो सहायता देने का दावा किया गया, वह सिर्फ़ पोस्टरों और भाषणों तक सीमित है।
- जयराम ठाकुर ने कहा कि राहत पहुंचाने में सरकार से अधिक सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों ने काम किया है। उन्होंने सुक्खू सरकार को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि इस आपदा के समय जनता ने सरकार नहीं, जनसंगठनों पर भरोसा किया।
किराये की सहायता पर भी सवाल
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार द्वारा आपदा प्रभावितों को किराये की सहायता देने के दावे को भी खोखला बताया। उन्होंने कहा कि केवल कुछ गिने-चुने लोगों को ही किराया दिया गया है, जबकि हजारों परिवार अब भी तंबुओं या रिश्तेदारों के घरों में रह रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमने इस सहायता का पूरा ब्यौरा सरकार से मांगा है और आने वाले शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।
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पड्डल मैदान का कार्यक्रम बताया राजनीतिक शो
नेता प्रतिपक्ष ने हाल ही में पड्डल मैदान में आयोजित राज्य सरकार के राहत वितरण कार्यक्रम को पूरी तरह राजनीतिक बताया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके मंत्रियों ने इस कार्यक्रम को विपक्ष पर निशाना साधने का मंच बना लिया।
जयराम ने कहा कि सरकार ने इस अवसर का उपयोग आपदा प्रभावितों की मदद के बजाय भाजपा और विपक्ष की आलोचना करने में किया। जनता की पीड़ा पर राजनीति करना शर्मनाक है।
विज्ञापन सरकार, काम शून्य
जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार अपने तीन साल के कार्यकाल में केवल विज्ञापनों और घोषणाओं की सरकार बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम की पूर्ण बहाली की प्रतीक्षा कर रहे हैं, किसान मुआवजे के इंतजार में हैं, और युवा रोजगार के अवसर मांग रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार हर मौके पर जश्न मना रही है, जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है। सच्चाई यह है कि सुक्खू सरकार सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट में लगी है, कामकाज में नहीं।
राजनीतिक टकराव के बढ़ने के संकेत
जयराम ठाकुर के इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। 11 दिसंबर को सरकार के तीन साल पूरे होने से पहले भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सुक्खू सरकार को वित्तीय पारदर्शिता, राहत वितरण और आबकारी नीति जैसे मुद्दों पर घेरेगी।
