शिमला। हिमाचल की राजधानी शिमला में शुक्रवार को चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब नारेबाजी, पुतला दहन और विरोध के बीच प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बोर्ड तक पहुंच गए और उस पर कालिख पोत दी। मामला यहीं नहीं रुका, पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश के दौरान एक कार्यकर्ता ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि “धक्का दोगे तो दफ्तर के अंदर आग लगा देंगे।”
केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ की नारेबाजी
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया। कसुम्पटी स्थित निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जुटे और केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री रोहित ठाकुर, मंत्री चंद्र कुमार, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदर्शन स्थल पर नजर नहीं आए।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन पार्टी के देशव्यापी कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था। पार्टी की ओर से पहले ही 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई तथा पद से हटाने की मांग कर रही है।
‘वोट चोर’ के नारों से गूंजा निर्वाचन विभाग कार्यालय
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ समेत कई नारे लगाए। कुछ कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बोर्ड और आसपास की दीवारों पर ‘वोट चोर’ तथा चुनाव आयोग के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखकर अपना विरोध जताया। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों में कार्यालय की दीवारों पर ‘वोट चोर’ लिखे जाने और ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंके जाने की पुष्टि हुई है।
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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के तेवर काफी आक्रामक नजर आए। कुछ कार्यकर्ता सरकारी वाहन पर चढ़कर निर्वाचन विभाग के बोर्ड तक पहुंच गए और वहां कालिख पोत दी। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो मौके पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तक तनाव बना रहा।
पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता, माहौल हुआ तनावपूर्ण
पुतला जलाने और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस जवानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध और तेज कर दिया।
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धक्का दिया तो कार्यालय के अंदर लगा देंगे आग
प्रदर्शन के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता की ओर से पुलिस को कथित तौर पर बेहद तीखे शब्दों में चेतावनी भी दी गई। कार्यकर्ता ने कहा कि यदि उन्हें धक्का दिया गया तो वे कार्यालय के अंदर आग लगा देंगे। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने वाहन को लेकर भी आक्रोश जताया और आग लगाने जैसी बात कही। इन बयानों के बाद मौके पर तनाव और बढ़ गया। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके
प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए जाने की बात भी सामने आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची को लेकर अपने सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। वहीं, चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची के प्रबंधन तथा चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कार्य उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
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संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं रजनी पाटिल
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। वह हाथ में संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं। उनके साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्री रोहित ठाकुर, मंत्री चंद्र कुमार, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में चुनाव तथा मतदाता सूचियों को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों का उल्लेख किया। पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग भी दोहराई।
विनय कुमार ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने SIR प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए इसे गंभीर विषय बताया। उनके अनुसार, मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
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प्रदर्शन में नहीं दिखे मुख्यमंत्री सुक्खू
शिमला में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री मौजूद रहे। हालांकि, मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मौजूदगी को लेकर अलग-अलग पूर्व कार्यक्रमों में जानकारी दी गई थी, लेकिन उपलब्ध प्रदर्शन-स्थल की रिपोर्टों में उनका प्रदर्शन में शामिल होना स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के शामिल होने की बात कही गई थी।
