मंडी। नगर परिषद चुनावों के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जनता ने जीत दिलाई, लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरणों ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी। जोगेंद्रनगर और कुल्लू नगर परिषद में कांग्रेस ने रणनीतिक बढ़त बनाते हुए भाजपा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पार्षदों के पाला बदलने से बदल गया पूरा समीकरण
दरअसल, जोगेंद्रनगर नगर परिषद में सात वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बहुमत मिला था और पार्टी अध्यक्ष पद पर अपना दावा मजबूत मान रही थी। हालांकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले कुछ निर्वाचित पार्षदों के पाला बदलने से पूरा समीकरण बदल गया।
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भाजपा समर्थित दो महिला पार्षद कांग्रेस के साथ आ गईं, जबकि कुछ निर्दलीय सदस्यों ने भी कांग्रेस का समर्थन कर दिया। इसके बाद नगर परिषद में कांग्रेस की स्थिति मजबूत हो गई और सत्ता की बाजी उसके पक्ष में जाती दिखाई देने लगी।
इसलिए भाजपा को झेलना पड़ा नुकसान
कुल्लू नगर परिषद में भी कुछ ऐसा ही राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। यहां 11 सदस्यीय परिषद में भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की संख्या लगभग बराबर रही, जबकि निर्णायक भूमिका निर्दलीय सदस्यों के हाथ में थी।
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चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा अपनी स्थिति मजबूत मान रही थी, लेकिन बाद में कुछ निर्वाचित सदस्यों के रुख बदलने से समीकरण कांग्रेस के पक्ष में झुक गए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने संभावित राजनीतिक बदलावों का सही आकलन नहीं किया, जिसका उसे नुकसान उठाना पड़ा।
अब यहाँ सेंधमारी की कोशिश
अब राजनीतिक नजरें सरकाघाट नगर परिषद पर टिक गई हैं। यहां भी भाजपा और कांग्रेस समर्थित सदस्य बराबरी की स्थिति में हैं और अध्यक्ष पद का फैसला समर्थन जुटाने की रणनीति पर निर्भर करेगा। दोनों दल पर्दे के पीछे अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। उधर, इन घटनाक्रमों के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर दबाव की राजनीति और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
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संगठनात्मक मजबूती का परिणाम बता रही कांग्रेस
वहीं कांग्रेस इसे अपनी राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक मजबूती का परिणाम बता रही है। नगर परिषदों में बदलते समीकरणों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव जीतना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि बाद की राजनीतिक रणनीति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
