शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को नए कार्यालय का शुभारंभ किया। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने नए परिसर से अपना नियमित सरकारी कामकाज शुरू किया। करीब दो साल के इंतजार के बाद तैयार हुए इस कार्यालय को सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर करने की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है।

फिजूलखर्ची के आरोपों पर सीएम का जवाब

नए कार्यालय को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे फिजूलखर्ची के सवालों पर मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। सुक्खू ने कहा कि यह किसी व्यक्ति का निजी आवास नहीं, बल्कि सरकार का संस्थागत कार्यालय है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मुख्यमंत्री बदलेंगे और कोई दूसरा मुख्यमंत्री भी इसी कार्यालय में बैठकर काम करेगा।

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुराने सीएम कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने सचिवालय की मौजूदा व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि नए परिसर से कामकाज के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा।

छह मंजिला भवन में 15 कमरे

नए कार्यालय भवन को ‘अलर्जली फेस-टू’ नाम दिया गया है। छह मंजिला इस भवन में कुल 15 कमरे बनाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके निर्माण पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

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नए भवन का एक उद्देश्य सचिवालय परिसर में कार्यालयों के लिए जगह की कमी को कम करना भी बताया गया है। इसके अलावा यहां वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होने से सचिवालय के आसपास सड़क किनारे वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

40 वाहनों के लिए पार्किंग

भवन में करीब 40 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इससे सचिवालय परिसर में पार्किंग को लेकर बनी रहने वाली समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। खासकर व्यस्त समय में सड़क पर वाहनों के खड़े रहने से पैदा होने वाली परेशानी को दूर करने के लिहाज से यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी।

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कई वरिष्ठ अधिकारी भी यहीं बैठेंगे

नया भवन केवल मुख्यमंत्री के कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय भी संचालित होंगे। मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव और मुख्यमंत्री के निजी प्रधान सचिव समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारी यहां बैठेंगे।

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