संगड़ाह (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में बीते रोज दूसरे चरण का पंचायत चुनाव संपन्न हो गया है। लोकतंत्र के इस उत्सव में जनता ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और देर रात तक आते आते चुनावी नतीजे भी साफ हो गए। दूसरे चरण के पंचायत चुनाव के नतीजे कई जगह से चौंकाने वाले सामने आए हैं।
कहते हैं कि चुनावों में एक-एक वोट की कीमत होती है, इस बात में कितनी सच्चाई है इसका ताजा उदाहरण हिमाचल के सिरमौर जिला से सामने आया है। यहां प्रधान पद पर जीतने वाला प्रत्याशी मात्र एक वोट से विजयी घोषित हुआ है।
सांसें रोक देने वाला मुकाबला
अक्सर लोग सोचते हैं कि मेरे एक वोट न देने से क्या फर्क पड़ जाएगा, लेकिन सिरमौर के संगड़ाह उपमंडल की ग्राम पंचायत भाटन भुजोंड के इन नतीजों ने साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में एक वोट भी तकदीर और तस्वीर दोनों बदल सकता है। यहां की जनता ने इतिहास का सबसे सांसें रोक देने वाला मुकाबला देखा। जिसकी अब पूरे क्षेत्र में खासी चर्चा हो रही है।
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सिर्फ एक वोट से तय हुई जीत-हार
भाटन भुजोंड पंचायत में प्रधान पद के लिए हुए बेहद रोमांचक मुकाबले में उम्मीदवार चन्द्र देव ने 396 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रोहित कुमार को 395 वोट मिले। दोनों उम्मीदवारों के बीच आखिरी समय तक कांटे की टक्कर देखने को मिली। वहीं तीसरे प्रत्याशी बृज मोहन को 387 वोट प्राप्त हुए।
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पंचायत में कुल 1179 मत डाले गए, जबकि एक मतदाता ने नोटा का इस्तेमाल किया। शाम छह बजे के बाद शुरू हुई मतगणना देर रात तक चलती रही और हर राउंड में कभी एक उम्मीदवार आगे तो कभी दूसरा बढ़त बनाता नजर आया। आखिरकार रात करीब 10:45 बजे अंतिम परिणाम घोषित किया गया और केवल एक वोट ने चुनाव का पूरा समीकरण बदल दिया।
एक वोट की कीमत ने सभी को चौंकाया
अक्सर चुनावों के दौरान कहा जाता है कि "हर वोट की कीमत होती है" लेकिन भाटन भुजोंड पंचायत के परिणाम ने इस बात को सच साबित कर दिया। यहां अगर एक भी मतदाता वोट डालने नहीं पहुंचता या अपना फैसला बदल देता, तो परिणाम पूरी तरह अलग हो सकता था। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पंचायत के इतिहास में पहली बार प्रधान पद का फैसला इतने कम अंतर से हुआ है। यही कारण है कि यह चुनाव अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
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जीत के बाद समर्थकों में जश्न
एक वोट से जीत दर्ज होते ही चन्द्र देव के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। देर रात तक ढोल.नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया और समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटी। वहीं दूसरी ओर हार से रोहित कुमार के समर्थकों में मायूसी देखने को मिली। कई लोगों का कहना था कि इतने करीबी मुकाबले ने सभी को अंत तक बांधे रखा।
सोशल मीडिया पर उड़ती रही अफवाहें
मतगणना के दौरान सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी तेजी से फैलती रही कि जीत-हार का फैसला लक्की ड्रॉ या पर्ची सिस्टम से किया गया है। हालांकि बाद में आधिकारिक परिणामों में स्पष्ट हो गया कि चन्द्र देव ने एक वोट की बढ़त के साथ वैध रूप से जीत हासिल की है।
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नव.निर्वाचित प्रधान ने किया विकास का वादा
जीत के बाद नव.निर्वाचित प्रधान चन्द्र देव ने पंचायतवासियों का आभार जताते हुए कहा कि वे सभी लोगों को साथ लेकर पंचायत के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जनता ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा। रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाई गई।
