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May 29, 2026

हिमाचल पंचायत चुनाव में विवाद : ढाई घंटे तक गायब रही मतपेटी, खूब मचा हल्ला- आयोग से जांच की मांग

रोध बढ़ने के बाद ARO ने फोन कर मतपेटी मंगवाई

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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की ग्राम पंचायत थिल्ल में पंचायत चुनाव के बाद विवाद गहरा गया है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के कई घंटे बाद तक एक वार्ड की मतपेटी मतगणना स्थल नहीं पहुंचने और वोटों की संख्या में कथित अंतर सामने आने के बाद ग्रामीणों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मतपेटी की देरी से बढ़ा विवाद

मामले को लेकर ग्रामीणों ने SDM ज्वालामुखी के माध्यम से चुनाव आयोग को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत थिल्ल में 26 मई को दोपहर करीब 3:25 बजे मतदान समाप्त हो गया था।

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इंतजार करते रहे ग्रामीण

पंचायत के पांच वार्डों में से चार वार्डों की मतपेटियां करीब 4 बजे तक पंचायत घर पहुंच गई थीं। हैरानी की बात यह रही कि वार्ड नंबर-1 की मतपेटी करीब ढाई घंटे बाद भी मतगणना केंद्र नहीं पहुंची।

लोगों का फूटा गुस्सा

लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में ARO से जानकारी मांगी तो उन्हें बताया गया कि चुनावी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। सीलिंग करने वाला स्टाफ नया होने के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। हालांकि इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने मौके पर विरोध जताया।

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बिना कवर और सुरक्षा के लाई गई मतपेटी!

ग्रामीणों का दावा है कि विरोध बढ़ने के बाद ARO ने फोन कर मतपेटी मंगवाई, जिसे कुछ ही मिनटों में पंचायत घर पहुंचाया गया। आरोप है कि मतपेटी को न तो उचित तरीके से कवर किया गया था और न ही उसके साथ पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी की गई है।

वोटों की संख्या में अंतर पर उठे सवाल

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मतदान समाप्त होने के बाद कुल 921 वोट डाले जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि मतगणना पूरी होने पर कुल वोटों की संख्या 928 बताई गई। इस अंतर को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं और इसकी जांच की मांग की है।

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उम्मीदवार ने भी जताई आपत्ति

प्रधान पद की उम्मीदवार दर्शना देवी का कहना है कि वार्ड नंबर-1 की मतपेटी को पहले वार्ड नंबर-4 में ले जाया गया और बाद में काफी देर के बाद मतगणना स्थल पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता नहीं बरती गई।

रिजेक्ट वोटों पर भी विवाद

ग्रामीणों ने प्रधान पद के चुनाव में रिजेक्ट वोटों की गिनती को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि कुछ रिजेक्ट मतों को भी एक प्रत्याशी के पक्ष में जोड़ दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एजेंटों द्वारा कई बार आपत्ति दर्ज करवाई गई, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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SDM ने क्या कहा?

SDM ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि चुनाव प्रशासन द्वारा पूरी निष्पक्षता से करवाए जाते हैं और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और इसे चुनाव आयोग के समक्ष भेजा जाएगा। साथ ही उपायुक्त कांगड़ा को भी पूरे मामले से अवगत करवा दिया गया है। आगे की कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देशानुसार की जाएगी।

जांच की मांग तेज

ग्रामीणों ने चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जांच, देर से पहुंची मतपेटी की पड़ताल, रिजेक्ट वोटों की दोबारा गिनती और चुनाव ड्यूटी में लगे संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। पंचायत में इस मामले को लेकर भारी रोष व्याप्त है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

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