मंडी। हिमाचल प्रदेश में नगर निगम और जिला परिषद चुनावों में मिली करारी हार के बाद मंडी कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के ही नेताओं ने अब कांग्रेस जिला अध्यक्षा एवं पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांद्रेस नेताओं ने चंपा ठाकुर पर गंभीक आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग तक कर डाली है। 

टिकट वितरण को लेकर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आकाश शर्मा और कांग्रेस कार्यकर्ता लाभ सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि नगर निगम और जिला परिषद चुनावों में कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर पैसे के दम पर करोड़पतियों को टिकट दिए गए। उन्होंने कहा कि समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार दरकिनार किया गया, जिसका खामियाजा पार्टी को चुनावी हार के रूप में भुगतना पड़ा। बताया जा रहा है कि प्रधानी का टिकट 60,000 में बेचा गया था। और कई बड़े लोगों की रातों-रात बीजेपी से कांग्रेस में एंट्री करवाई गई थी। 

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कार्यकर्ता बोले- अपमानित किया गया 

दोनों नेताओं का आरोप है कि जब से चंपा ठाकुर ने जिला कांग्रेस की कमान संभाली है, तब से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि कई कार्यकर्ताओं को प्रताड़ना और अपमान का सामना करना पड़ा, जिससे संगठन कमजोर हुआ। आकाश शर्मा ने कहा कि जिला कांग्रेस में नेतृत्व का रवैया तानाशाही जैसा हो गया है और कार्यकर्ताओं की राय को महत्व नहीं दिया जा रहा।

अपने रिश्तेदारों को टिकट देने का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि टिकट वितरण के दौरान समर्पित कार्यकर्ताओं और वर्षों से कांग्रेस से जुड़े परिवारों की अनदेखी की गई। उनका कहना था कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर ने अपने करीबी रिश्तेदारों और पसंदीदा लोगों को टिकट दिलवाए, जबकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि चंपा ठाकुर स्वयं भी जिला परिषद चुनाव मैदान में उतरीं, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया

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हार का ठीकरा चंपा ठाकुर पर फोड़ा

प्रेस वार्ता में नेताओं ने हाल ही में घोषित चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि मंडी में कांग्रेस की हार के लिए जिला नेतृत्व जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत रणनीति और टिकट वितरण की वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।

भाजपा की 'बी-टीम' तक बताया

नेताओं ने चंपा ठाकुर के जिला परिषद चुनाव लड़ने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे राजनीतिक रूप से गलत कदम बताते हुए यहां तक आरोप लगाया कि उनका रवैया भाजपा की "बी-टीम" जैसा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर चंपा ठाकुर की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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हाईकमान से इस्तीफे की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने कांग्रेस हाईकमान से जिला संगठन में बदलाव की मांग की। उनका कहना है कि यदि मंडी में कांग्रेस को मजबूत करना है तो संगठनात्मक स्तर पर बड़े फैसले लेने होंगे। इसी के तहत उन्होंने चंपा ठाकुर से इस्तीफा लेने की मांग भी उठाई।

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