शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में जनता से किया गया एक और बड़ा चुनावी वादा पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने प्रदेश की जनता को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की जो गारंटी दी थीए इस योजना को लागू करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
300 यूनिट फ्री बिजली के लिए चयनित परिवारों का सत्यापनए रिकॉर्ड अपडेट करने और लाभार्थियों का डेटा ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द पात्र उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिलना शुरू हो सके।
चुनावी घोषणा को अमलीजामा पहनाने की तैयारी
विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश की जनता से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। अब सरकार इस वादे को पूरा करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। सरकारी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं और संबंधित विभागों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों को बिना किसी देरी और तकनीकी बाधा के योजना का लाभ मिले। इसी उद्देश्य से लाभार्थियों का संपूर्ण रिकॉर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपडेट किया जा रहा है।
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रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए फील्ड में उतरी फौज
बिजली बोर्ड को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कई चयनित लाभार्थियों की उपभोक्ता आईडी और राशन कार्ड संबंधी जानकारी रिकॉर्ड में अधूरी है। ऐसे मामलों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फील्ड कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर, फोन कॉल, मोबाइल संदेश और अन्य उपलब्ध माध्यमों से उपभोक्ताओं से संपर्क स्थापित करें और लंबित जानकारियां जल्द से जल्द एकत्रित करें। विभागीय अधिकारियों को भी इस अभियान की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
हजारों लाभार्थियों का डेटा अभी अधूरा
सूत्रों के अनुसार बिजली बोर्ड के कांगड़ा जोन में योजना के लिए चिन्हित 20 हजार से अधिक पात्र उपभोक्ताओं में बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी पाए गए हैं जिनकी उपभोक्ता आईडी या राशन कार्ड का विवरण सिस्टम में उपलब्ध नहीं था। इसके बाद बोर्ड ने सभी संबंधित कार्यालयों को रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों से प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है ताकि लंबित मामलों का समय रहते निपटारा किया जा सके और योजना को जल्द लागू किया जा सके।
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इन परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इनमें बीपीएल परिवारों के अलावा ऐसे परिवार शामिल हैं जिनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये या उससे कम है। इसके साथ ही दिहाड़ी मजदूर परिवार, गंभीर बीमारियों से प्रभावित परिवार, दिव्यांग सदस्य वाले घर, विधवा, एकल एवं तलाकशुदा महिलाओं के परिवार और अनाथ बच्चों की परवरिश कर रहे परिवारों को भी प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है।
जल्द शुरू हो सकता है मुफ्त बिजली का लाभ
बिजली बोर्ड का कहना है कि जैसे ही सभी पात्र परिवारों का रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट हो जाएगा, उसके बाद योजना को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि किसी भी पात्र उपभोक्ता को केवल तकनीकी या दस्तावेजी कमी के कारण लाभ से वंचित न रहना पड़े।
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सरकारी सूत्रों का मानना है कि रिकॉर्ड सत्यापन और डेटा अपडेट का कार्य पूरा होते ही प्रदेश के हजारों पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे न केवल घरेलू बिजली खर्च में राहत मिलेगी, बल्कि चुनाव के दौरान जनता से किया गया सरकार का एक महत्वपूर्ण वादा भी पूरा होता दिखाई देगा।
जनता को राहत, सरकार को वादे निभाने का अवसर
राजनीतिक दृष्टि से भी इस योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुक्खू सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में जनता को यह संदेश देना चाहती है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। ऐसे में 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी पहलों में से एक माना जा रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों को मिलने की उम्मीद है।
