बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच अब प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में नाम आने के बाद नौ सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन ने इन सभी मामलों का रिकॉर्ड तैयार कर लिया है और अब विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजने की तैयारी की जा रही है।

अलग-अलग विभागों में कार्यरत हैं कर्मचारी

दरअसल, प्रशासन का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशे के अवैध कारोबार में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सेवा नियमों और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन नौ कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, वे विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। इनके खिलाफ पहले से नशीले पदार्थों की तस्करी या संबंधित अवैध गतिविधियों के मामले दर्ज हैं। जिला प्रशासन ने सभी मामलों का अध्ययन कर कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी भी एकत्रित कर ली है, ताकि पूरी रिपोर्ट सरकार को भेजी जा सके।

सरकार तय करेगी आगे की कार्रवाई

रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजे जाने के बाद संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सेवा नियमों के तहत दोषी कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच या अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित विभागों की जांच प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।

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जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि कोई सरकारी कर्मचारी भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसे किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही बनाए रखना और नशे के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाना है।

यह बोले उपायुक्त बिलासपुर

पिछले कुछ समय से बिलासपुर पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। इस दौरान कई मामलों में कार्रवाई की गई है और अब सरकारी तंत्र में शामिल ऐसे लोगों पर भी सख्ती दिखाई जा रही है, जिन पर कानून तोड़ने के आरोप हैं।

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उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि जिले में नौ सरकारी कर्मचारियों की नशे से जुड़े अवैध मामलों में संलिप्तता सामने आई है। इन सभी की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।

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