मंडी। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के विकास रथ को रफ्तार देने में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आई है। राज्य में जारी राजनीतिक उठापटक और आर्थिक चुनौतियों के बीचए केंद्र सरकार ने हिमाचल हित में एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। कंेद्र सरकार ने किरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना के तहत लंबे समय से प्रस्तावित पंडोह बाईपास फोरलेन परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

 

समय-समय पर हिमाचल को बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सौगात देने वाली मोदी सरकार के इस फैसले से न केवल करोड़ों रुपये की लागत से इस क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, बल्कि सामरिक और राष्ट्रीय महत्व के पंडोह डैम की सुरक्षा भी पूरी तरह से सुनिश्चित हो जाएगी। बता दें कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान केंद्र सरकार ने ऑल वेदर रोड, फोरलेन परियोजनाओं, सुरंग निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार जैसे कई बड़े प्रोजेक्टों को मंजूरी देकर विकास की गति को तेज किया है। अब पंडोह बाईपास को मिली मंजूरी भी उसी कड़ी का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

 

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डैम की सुरक्षा और ट्रैफिक समाधान

पंडोह क्षेत्र लंबे समय से यातायात दबाव और सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। वर्तमान में किरतपुर-मनाली फोरलेन का अधिकांश ट्रैफिक पंडोह बाजार और डैम के समीप से होकर गुजरता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति पैदा होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पंडोह बांध की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बाईपास की अलाइनमेंट में बदलाव किया और एक नया रूट तैयार किया। केंद्र सरकार ने इसी संशोधित योजना को मंजूरी प्रदान की है। परियोजना पूरी होने के बाद न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पंडोह बांध की सुरक्षा भी अधिक मजबूत होगी।

 

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दो आधुनिक सुरंगों से होकर गुजरेगा यातायात

नई योजना के तहत करीब 3.75 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें लगभग 900-900 मीटर लंबी दो अत्याधुनिक सुरंगें बनाई जाएंगी। इसके अलावा मार्ग पर दो पुलों का भी निर्माण प्रस्तावित है। नई अलाइनमेंट जवाहर नवोदय विद्यालय के समीप से होकर जाएगी और सुरंगों के जरिए वाहन सीधे कैंची मोड़ के पास निकल सकेंगे। इससे हजारों वाहनों को पंडोह बाजार और डैम क्षेत्र से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रा समय कम होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा भी बढ़ेगी।

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करोड़ों रुपये की परियोजना से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

पंडोह बाईपास को मंडी जिले की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में गिना जा रहा है। परियोजना के निर्माण से पर्यटन, व्यापार और परिवहन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस परियोजना को मंजूरी मिलने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। खासकर कुल्लू-मनाली, लाहौल-स्पीति और लेह की ओर जाने वाले पर्यटकों और व्यापारिक वाहनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी शुरू

एनएचएआई अब परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। वहीं वन भूमि से संबंधित आवश्यक मंजूरियों के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम के तहत प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होते ही टेंडर जारी किए जाएंगे और इसके बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। परियोजना के लिए डंपिंग साइटों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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हिमाचल के विकास रथ को मिलेगी नई गति

पंडोह बाईपास को मिली मंजूरी केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि हिमाचल के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है। डैम की सुरक्षा, ट्रैफिक जाम से राहत, पर्यटन को बढ़ावा और क्षेत्रीय विकास जैसे कई फायदे इस परियोजना से जुड़े हैं। ऐसे में आने वाले वर्षों में यह परियोजना मंडी और कुल्लू-मनाली मार्ग पर सफर की तस्वीर बदल सकती है।

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