शिमला। हिमाचल प्रदेश में धूप और बादलों के बीच मौसम लगातार करवट ले रहा है। मंगलवार सुबह राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने अगले कुछ दिनों के लिए फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ आंधी चलने तथा आसमानी बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज के बीच सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों के दौरान प्रदेश के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। वहीं, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। पांच जिलों में तेज बारिश को लेकर जारी यलो अलर्ट के बीच बुधवार को भी कई क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है।
शिमला और कल्पा में भी बढ़ा तापमान
मंगलवार सुबह मौसम साफ रहने और धूप निकलने से प्रदेश के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया। तापमान में सबसे अधिक बढ़ोतरी कल्पा में दर्ज की गई, जहां पारा 3.2 डिग्री बढ़कर 22.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। राजधानी शिमला में भी अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री की वृद्धि के साथ 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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हालांकि, दिन में धूप निकलने से मिली राहत ज्यादा समय तक कायम रहने की उम्मीद नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले दिनों में मौसम दोबारा बिगड़ सकता है और तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने बारिश के अलावा कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान चलने और आसमानी बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
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प्रदेश के पांच जिलों में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया था। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से ठंड में भी इजाफा होने की संभावना है।
बुधवार को इन जिलों में यलो अलर्ट
बुधवार को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में मौसम खराब रहने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहें। खासकर पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अचानक मौसम बदलने की स्थिति में सावधानी बरतनी चाहिए।
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15 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ दिखा सकता है ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के अधिक सक्रिय होने की संभावना है। इस दिन किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ अधिकतम तापमान में भी गिरावट आ सकती है। मौसम में बदलाव का असर मैदानी क्षेत्रों से लेकर मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों तक देखने को मिल सकता है, जबकि ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ने की संभावना है।
16 अक्टूबर से कमजोर पड़ेगा मौसम का सिस्टम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगेगा। इसके बाद 16 और 17 अक्टूबर को प्रदेश के मध्यम तथा अधिक ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 18 अक्टूबर से प्रदेशभर में मौसम साफ रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम का असर अलग हो सकता है।
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ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ेगी ठंड
बारिश और बर्फबारी के कारण अगले तीन दिनों तक प्रदेश के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है। विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से ठंड का असर बढ़ेगा। सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट अधिक महसूस हो सकती है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने की योजना बना रहे लोगों को गर्म कपड़े साथ रखने और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की जरूरत है।
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सोमवार की धूप के बाद फिर मौसम में बदलाव के संकेत
इससे पहले सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिली थी। उस दिन राज्य के औसत अधिकतम तापमान में पिछले स्तर की तुलना में करीब छह डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ था। अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम फिर बदलने के संकेत हैं। अगले तीन दिनों में बारिश, ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी, आंधी और बिजली गिरने की आशंका के बीच प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम साफ होने की संभावना 18 अक्टूबर से जताई गई है।
