मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक स्कूली छात्रा की भावुक अपील ने वह कर दिखाया, जो लंबे समय से प्रशासन नहीं कर पाया था। सराज क्षेत्र की चिऊणी पंचायत की 11वीं कक्षा की छात्रा कनिका ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बारिश के दौरान स्कूल नहीं पहुंच पाने की मजबूरी बताई।

स्कूली छात्रा ने बनाई वीडियो

वीडियो सामने आने के बाद तीन गांवों के ग्रामीण एकजुट हुए और श्रमदान कर नाले पर लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार कर दिया। कनिका ने अपने वीडियो में बताया था कि सुमोडा गाड नाले पर पुल न होने के कारण बारिश के दिनों में बच्चे स्कूल नहीं जा पाते।

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छात्रा की अपील पर आगे आए ग्रामीण

उसने प्रशासन से कई बार पुल बनाने की मांग किए जाने का जिक्र करते हुए सवाल उठाया था कि आखिर छोटे-छोटे बच्चे उफनते नाले को पार कर स्कूल कैसे पहुंचें। उसकी यह अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई।

80 लोगों ने मिलकर बना दिया लकड़ी का पुल

वीडियो देखने के बाद घ्यार, लैंद और बुराहड़ा गांव के करीब 80 ग्रामीणों ने खुद जिम्मेदारी उठाई। दो दिन तक लगातार श्रमदान कर ग्रामीणों ने नाले पर लकड़ी का अस्थायी पुल बना दिया। अब इसी पुल के सहारे स्कूली बच्चे और स्थानीय लोग सुरक्षित आवाजाही कर रहे हैं।

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500 ग्रामीणों की वर्षों पुरानी परेशानी

इन तीनों गांवों के करीब 500 लोग बरसात के मौसम में जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर होते रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी एक व्यक्ति की नाले में बहने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक यहां स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।

अब स्थायी पुल की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि लकड़ी का यह पुल फिलहाल राहत जरूर दे रहा है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द पक्का पुल बनाने की मांग की है, ताकि हर बरसात में लोगों की जान जोखिम में न पड़े।

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