शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बाजारों में आपने सेब तो देखे ही होंगे लेकिन क्या आपने कभी सेब की बर्फी खाई है ? अगर नहीं तो अब आप शिमला में सेब की बर्फी का आनंद ले सकेंगे। आइए जानते हैं शिमला में मशहूर हो रही सेब की बर्फी के बारे में।

ऑर्गेनिक सेब की बर्फी

शिमला का एक स्वयं सहायता समूह है जो पिछले तीन सालों से सेब की बर्फी लोगों तक पहुंचा रहा है। ये बर्फी ऑर्गेनिक रूप से तैयार की जाती है। इसे बना रहा है शिमला के आकांक्षी खंड छोहरा के तहत आता एक स्वयं सहायता समूह।

1 साल तक नो फंगस

इस बर्फी में एक साल तक फंगस नहीं लगती। ये बिल्कुल खराब नहीं होती। आप इस बर्फी को रिज मैदान के साथ पदमदेव परिसर में छौहारा और कुपवी आकांक्षी विकास खंड की ओर से लगाए गए आकांक्षी हाट में जय देवता जाबल नारायण स्वयं सहायता स्मूह के स्टॉल से खरीद सकते हैं।

325 रूपये में एक डिब्बा

आपको बता दें सेब की बर्फी का एक डिब्बा 325 रूपये में बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं अगर आप ऑनलाइन इसे मंगवाना चाहते हैं तो समूह की ओर से ये सेवा भी दी जाती है। 

कामधेनु जाती है बर्फी

समूह की प्रधान आशु ठाकुर बताती हैं कि सेब की बर्फी की मांग काफी बढ़ रही है। करीब 25 हजार रुपए की बर्फी हर महीने कुल्लू जिले में भेजी जा रही है। बता दें कि ये बर्फी कामधेनु में भी भेजी जाती है। 

काम के हिसाब से दाम

आशु ठाकुर बताती हैं कि स्थानीय स्तर पर भी सेब की बर्फी बेची जा रही है। इसे बनाने में काफी मेहनत लगती है इसलिए दाम भी उसी हिसाब से रखे गए हैं। वे सरकार और प्रशासन की आभारी हैं जो मेलों और अन्य कार्यकर्मों में उन्हें मुफ्त स्टॉल लगाने देते हैं।

 

बर्फी को बनाने का तरीका

  • सबसे अच्छे सेब इक्ट्ठा करें
  • पहले चरण में सेब तीन-चार बार साफ पानी से धोएं
  • दूसरे चरण में सेब से पल्प निकालें
  • फिर निकाले गए पल्प को काफी देर तक पकाएं
  • इसके बाद ड्राई फ्रूट मिलाएं
  • पल्प और ड्राई फ्रूट को पकाएं
  • भूरा रंग होने पर पकाना बंद करें
  • इसे प्लेट में तीन-चार दिनों तक रखें
  • आपकी सेब की बर्फी तैयार है