सिरमौर। जब दो जुड़वां बहनें एक साथ जन्म लेती हैं तो उनकी हंसी, सपने और बचपन भी एक-दूसरे का हिस्सा बन जाते हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के पमता गांव में किस्मत ने ऐसा दर्द दिया, जिसने एक बहन से उसकी सबसे पहली और सबसे करीबी दोस्त हमेशा के लिए छीन ली। महज 15 साल की विभूषी ने बीमारी से लंबी लड़ाई लड़ी, मगर आखिरकार जिंदगी की डोर टूट गई। अब गांव की गलियों में दो बहनों की साथ गूंजने वाली हंसी की जगह सिर्फ यादें और अपनों की नम आंखें रह गई हैं।

बीमारी ने तोड़ दी जुड़वा बहनों की जोड़ी

विभूषी सिरमौर जिले के कफोटा उपमंडल के पमता गांव निवासी शिक्षा विभाग में कार्यरत जेबीटी शिक्षक आत्मा राम की बेटी थी। परिवार में वह तीन भाई-बहनों में से एक थी। उसकी एक जुड़वां बहन और एक भाई है। विभूषी के निधन ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सबसे ज्यादा दर्द उसकी जुड़वां बहन के हिस्से आया है, जिसके साथ उसने बचपन से लेकर किशोरावस्था तक हर पल साझा किया था।

 

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एक साल तक बीमारी से लड़ती रही विभूषी

परिजनों के अनुसार, विभूषी पिछले करीब एक वर्ष से गंभीर बीमारी का इलाज करवा रही थी। इस दौरान परिवार ने उसे स्वस्थ करने के लिए हरसंभव प्रयास किए। प्रदेश से लेकर बाहर के अस्पतालों तक उसका उपचार कराया गया। करीब एक सप्ताह पहले तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू हुआ। हालांकि हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।

अस्पताल में ली अंतिम सांस

इसके बाद परिजन उसे नाहन स्थित डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां भी चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान विभूषी ने अंतिम सांस ले ली। बेटी को बचाने की परिवार की हर कोशिश आखिरकार नाकाम रही और पूरा परिवार गहरे शोक में डूब गया।

 

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पूरे गांव में पसरा सन्नाटा, हर आंख हुई नम

विभूषी के निधन की खबर जैसे ही पमता गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि वह शांत स्वभाव, विनम्र और सभी के प्रति सम्मान रखने वाली बच्ची थी। उसकी मुस्कुराहट और सरल व्यवहार की वजह से वह गांव के हर व्यक्ति की चहेती थी। उसके असमय निधन ने हर किसी को भावुक कर दिया।

 

शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की है।

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