शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अब नया प्लान तैयार किया है। नशे के इस अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए पुलिस गांव-गांव तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है। खास बात यह है कि अब इस मुहिम में आशा वर्कर्स को भी शामिल किया जाएगा। ये अपने-अपने क्षेत्रों में नशे से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएंगी, ताकि चिट्टा बेचने वालों और उनके नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सके।

आशा वर्कर्स से मिलेगी नशे के कारोबार की जानकारी

पुलिस नशे से प्रभावित पंचायतों में रहने वाले लोगों के साथ बैठकें कर रही है। इन बैठकों के जरिए लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। पुलिस चाहती है कि गांव में अगर कहीं चिट्टा या अन्य नशीले पदार्थों का कारोबार हो रहा है तो इसकी जानकारी समय रहते मिल सके। इसके लिए आशा वर्कर्स और पंचायत प्रतिनिधियों की मदद ली जाएगी, ताकि नशा बेचने वालों तक आसानी से पहुंचा जा सके।

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शाहधार पंचायत में हुई दूसरे चरण की बैठक

पुलिस थाना झाकड़ी के तहत आने वाली नशा प्रभावित पंचायत शाहधार में दूसरे चरण की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार रामपुर बुशहर ने की। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों और आशा वर्कर्स ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के कुछ संदिग्ध स्थानों की जानकारी दी। साथ ही इन जगहों पर पुलिस की गश्त बढ़ाने और अचानक जांच करने का सुझाव भी दिया।

लोगों को नशे के नुकसान के बारे में किया जागरूक

बैठक में पुलिस ने लोगों को चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। अगर किसी को अपने आसपास नशे से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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भड़ावली, दत्तनगर और ननखड़ी में भी पहुंची पुलिस

रामपुर बुशहर की भड़ावली और दत्तनगर पंचायतों में भी सामुदायिक पुलिसिंग के तहत बैठकें की गईं। इन बैठकों में स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे नशे से जुड़े अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को दें। वहीं, ननखड़ी पंचायत में हुई जागरूकता बैठक में चिट्टा, चरस, शराब और दूसरे नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस का उद्देश्य पंचायत स्तर पर लोगों को साथ जोड़कर नशे के कारोबार पर लगाम लगाना है।