शिमला। हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। GVK EMRI के तहत संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों ने 5 अप्रैल से 11 अप्रैल तक शिमला स्थित मुख्य कार्यालय के बाहर लगातार हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है।

मजबूर होकर करेंगे सामूहिक हड़ताल

मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों की यूनियन ने इस संबंध में प्रबंधन को लिखित नोटिस भी सौंप दिया है। यूनियन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।

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CITU से संबंधित यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मेडसवान फाउंडेशन और कंपनी प्रबंधन के समक्ष कई अहम मुद्दे रखे हैं। इन मांगों में सेवा की निरंतरता, नौकरी की सुरक्षा और वरिष्ठता से जुड़े मामलों को प्रमुखता दी गई है। यूनियन का कहना है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर सामूहिक हड़ताल करेंगे।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ सकता है दबाव

इस प्रस्तावित हड़ताल का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ सकता है, क्योंकि 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं प्रदेश में आपातकालीन चिकित्सा का अहम हिस्सा हैं। हड़ताल के दौरान मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतें आ सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

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फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि सरकार और संबंधित संस्थाएं इस विवाद का समाधान कैसे निकालती हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और कर्मचारियों की मांगों पर भी उचित निर्णय लिया जा सके।

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