कांगड़ा। धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुधीर शर्मा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले की जांच कर रहे राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उन्हें 13 अगस्त 2026 को पूछताछ के लिए तलब किया है। विजिलेंस ने नोटिस जारी कर विधायक को धर्मशाला स्थित विजिलेंस थाना में जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
कल सुबह 11 बजे पेश होने के निर्देश
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई विजिलेंस थाना धर्मशाला में दर्ज एफआईआर नंबर 0006/2026 की जांच के तहत की जा रही है। एफआईआर 29 जुलाई 2026 को दर्ज की गई थी और मामले की जांच इंस्पेक्टर नरेश कुमार को सौंपी गई है। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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विजिलेंस के नोटिस के मुताबिक सुधीर शर्मा को 13 अगस्त को सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना है। जांच एजेंसी ने केवल मौखिक पूछताछ तक मामला सीमित नहीं रखा है, बल्कि आय, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा है। विजिलेंस का कहना है कि प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ रिकॉर्ड या तो अधूरे पाए गए या उनके सत्यापन के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता सामने आई। इसी आधार पर विधायक से विस्तृत वित्तीय रिकॉर्ड मांगा गया है।
शेयर लेनदेन का मांगा रिकॉर्ड
नोटिस में वित्त वर्ष 2015-16 के आयकर रिटर्न में 'अन्य स्रोतों से आय' के तहत घोषित 70,84,858 रुपये की राशि से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। यह रकम शेयरों के स्वैच्छिक समर्पण से प्राप्त आय के रूप में घोषित की गई थी। विजिलेंस ने इस संबंध में पूरा डीमैट अकाउंट स्टेटमेंट, ब्रोकर कॉन्ट्रैक्ट नोट, शेयरों की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित बैंक खातों के लेनदेन का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।
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जांच एजेंसी इन दस्तावेजों के जरिए घोषित आय और वास्तविक वित्तीय लेनदेन का मिलान करना चाहती है। वित्त वर्ष 2015-16 के आयकर रिटर्न में जमीन की बिक्री से प्राप्त 74,07,000 रुपये की राशि का विवरण भी विजिलेंस ने मांगा है। इसके लिए मूल भूमि दस्तावेज, बिक्री विलेख, बैंकिंग रिकॉर्ड और रकम के हस्तांतरण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि जमीन की बिक्री, उससे प्राप्त रकम और बैंक खातों में हुए लेनदेन के बीच रिकॉर्ड के स्तर पर कोई अंतर तो नहीं है।
अब दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच
विजिलेंस ने धर्मशाला तहसील के रक्कड़ क्षेत्र में खसरा नंबर 48, 94, 97 और 118 पर बने बहुमंजिला आवासीय भवन से संबंधित निर्माण रिकॉर्ड भी तलब किया है। इन दस्तावेजों में निर्माण सामग्री के बिल, वाउचर, निर्माण खाते, भुगतान का विवरण, वास्तु संबंधी ड्राइंग और अन्य सहायक रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदारों के नाम, पते और संपर्क विवरण भी मांगे गए हैं।
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विजिलेंस की इस कार्रवाई से साफ है कि जांच में आय और संपत्तियों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड को विस्तार से खंगाला जा रहा है। 13 अगस्त को विधायक की पेशी और उनके द्वारा उपलब्ध करवाए जाने वाले दस्तावेज जांच की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, जांच अभी प्रक्रिया के स्तर पर है और नोटिस जारी होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। विजिलेंस द्वारा जुटाए जा रहे दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
