सिरमौर। हिमाचल प्रदेश ने आज अपने एक वीर सपूत को खो दिया। ऐसा जवान जिसने कारगिल की जंग में अदम्य साहस दिखाया और देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई एनएसजी में कमांडो के रूप में भी अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया। शिलाई क्षेत्र के ढाड़स गांव निवासी हवलदार (सेवानिवृत्त) दीप राम के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
अचानक हृदयाघात से थम गई वीर की सांसें
जानकारी के अनुसार दीप राम अपने बच्चों की पढ़ाई के सिलसिले में नाहन गए हुए थे। इसी दौरान 2 अप्रैल को उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज नाहन लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके आकस्मिक निधन ने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया।
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सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ढाड़स लाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों ने उन्हें सलामी देकर श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा के दौरान भारत माता की जय और दीप राम अमर रहें के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा, जिसने हर आंख को नम कर दिया।
8 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
श्मशानघाट पर सबसे मार्मिक दृश्य उस समय देखने को मिला जब दीप राम के मात्र 8 वर्षीय बेटे ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें छलक उठीं। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण खुद को संभाल नहीं पाए और माहौल बेहद भावुक हो गया।
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कारगिल से एनएसजी तक का गौरवशाली सफर
वर्ष 1977 में गिरिपार क्षेत्र के शिलाई उपमंडल के ढाड़स गांव में एक किसान परिवार के घर जन्मे दीप राम ने 1997 में भारतीय सेना की 10वीं डोगरा रेजिमेंट में भर्ती होकर अपने सैन्य जीवन की शुरुआत की। भर्ती के तुरंत बाद उन्होंने कारगिल युद्ध में भाग लिया और वीरता का परिचय दिया। करीब 24 वर्षों की सेवा में उन्होंने सियाचिन ग्लेशियर और गलवान घाटी जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में देश की रक्षा की। इसके अलावा वह एनएसजी कमांडो के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। उनका पूरा जीवन देशभक्तिए साहस और समर्पण का प्रतीक रहा।
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परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर
दीप राम अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों सहित भरा.पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीणोंए पूर्व सैनिकों और गणमान्य लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने एक स्वर में कहा कि दीप राम जैसे वीर सपूतों की कुर्बानी और देशभक्ति को हमेशा याद रखा जाएगा।
