सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने एशियाई खेलों में तिरंगे का मान बढ़ायाए लेकिन अब उन्हीं खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए घोषित इनामी राशि को लेकर प्रदेश में विवाद खड़ा हो गया है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की हिमाचली खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। इस सूची में सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र से संबंध रखने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार विजेता रितु नेगी का नाम शामिल नहीं होने से सवाल उठने लगे हैं।

रितु नेगी हुई भावुक, बताया अपना दर्द

देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकीं रितु नेगी ने इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्हें इनामी राशि का लालच नहीं है, लेकिन सम्मान के मामले में उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है, यह उनकी समझ से परे है। बातचीत के दौरान भावुक रितु नेगी ने कहा कि महज एक सप्ताह पहले तक उन्हें हिमाचल की बेटी बताकर सम्मानित किया जा रहा था।

 

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी थी, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग ठाकुर ने भी फोन कर उनकी उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर दो दिनों के भीतर ऐसा क्या बदल गया कि अब उनके साथ यह स्थिति पैदा हो गई।

 

तीन खिलाड़ियों को एक-एक करोड़, रितु नेगी का नाम गायब

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की हिमाचली खिलाड़ियों पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर को एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने के साथ सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। इसके अलावा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इन घोषणाओं के बाद जब रितु नेगी का नाम सामने आई सूची में नहीं दिखा, तो मामला चर्चा में आ गया।

 

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रितु नेगी सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र से संबंध रखती हैं। उनकी शादी हरियाणा के पानीपत में हुई है और वह भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं। इस मामले में दूसरे राज्य में शादी होने को संभावित वजह के रूप में चर्चा में लाया जा रहा है, हालांकि सरकार की ओर से उनके नाम को शामिल नहीं करने का आधिकारिक कारण स्पष्ट होना बाकी है।

मैं भाजपा या कांग्रेस के लिए नहीं, देश के लिए खेलती हूं

रितु नेगी ने अपनी प्रतिक्रिया में स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के लिए खेलना नहीं, बल्कि देश का नाम रोशन करना है। उन्होंने कहा कि जब वह मैदान में उतरती हैं, तो उनके मन में यह विचार नहीं होता कि वह हिमाचल की बेटी हैं या हरियाणा की बहू। उनका लक्ष्य तिरंगे का मान बढ़ाना होता है।

 

रितु के अनुसार, उन्हें पुरस्कार राशि का लालच नहीं है, लेकिन एक खिलाड़ी के लिए उसके योगदान का सम्मान बेहद मायने रखता है। अन्य खिलाड़ियों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की घोषणा हुई, जबकि उनके मामले में हरियाणा में शादी होने की बात सामने आ रही है। इससे वह और उनका परिवार खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं।

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उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी खिलाड़ी की शादी दूसरे राज्य में हो जाती है, तो क्या इससे अपने गृह प्रदेश के साथ उसका रिश्ता खत्म हो जाता है? अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतने वाली खिलाड़ी के योगदान को इस आधार पर अलग क्यों देखा जा रहा है?

 

2023 में भी कांग्रेस की सरकार थी, तब मिली थी सम्मान राशि

रितु नेगी ने अपने पक्ष में वर्ष 2023 का उदाहरण भी दिया है। उन्होंने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2022 में हुआ था। इसके बाद वर्ष 2023 में उन्होंने भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तानी करते हुए हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस समय भी हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ही थे। रितु के मुताबिक, उस समय उन्हें पुरस्कार राशि दी गई थी।

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उन्होंने सवाल किया कि जब शादी के बाद वर्ष 2023 में उन्हें सम्मान राशि दी गई थी, तो अब ऐसी क्या स्थिति बदल गई कि दूसरी खिलाड़ियों के लिए इनाम की घोषणा हुई, लेकिन उनके मामले में हरियाणा में शादी होने का हवाला दिया जा रहा है?

अर्जुन पुरस्कार मिला तो हिमाचल की बेटी कहकर दी बधाई 

अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रितु नेगी ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब उन्हें खेलों में उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला, तब मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने उन्हें हिमाचल की बेटी बताते हुए बधाई दी थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सफलता को प्रदेश के गौरव से जोड़कर देखा जाता रहा है। रितु का कहना है कि जब वह देश के लिए पदक जीतती हैं, तब उन्हें हिमाचल की बेटी कहा जाता है, लेकिन अब सम्मान राशि की बात आई तो उनकी शादी दूसरे राज्य में होने का हवाला क्यों दिया जा रहा है? 

पिता भवान सिंह ने भी उठाए सवाल

रितु नेगी के पिता भवान सिंह ने भी बेटी का नाम सम्मान राशि की सूची में शामिल नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि बेटी की शादी हरियाणा में हुई है, तो क्या इससे हिमाचल प्रदेश के साथ उसका संबंध समाप्त हो जाता है? भवान सिंह के मुताबिक, जब रितु की उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री से लेकर दूसरे नेता उन्हें हिमाचल की बेटी कहकर बधाई देते रहे हैं, तो सम्मान राशि के मामले में शादी का हवाला दिए जाने की बात परिवार के लिए हैरान करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार का उद्देश्य केवल इनाम की मांग करना नहीं है, बल्कि बेटी के खेल योगदान को उचित मान्यता मिलनी चाहिए।

 

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बलदेव तोमर समेत विपक्षी नेताओं ने भी उठाया मुद्दा

रितु नेगी को सम्मान राशि की सूची से बाहर रखे जाने का मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। भाजपा प्रवक्ता और शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर सहित कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं। बलदेव तोमर का कहना है कि रितु नेगी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और हिमाचल का नाम रोशन किया है। शादी दूसरे राज्य में होने से उनकी हिमाचली पहचान और प्रदेश के लिए उनका योगदान समाप्त नहीं हो जाता।

कौन हैं रितु नेगी?

रितु नेगी हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र से संबंध रखती हैं। वह भारतीय महिला कबड्डी टीम की पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं। उन्होंने अपने खेल करियर में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

 

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  • 2011: जूनियर महिला एशियाई प्रतियोगिता में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि।
  • 2018: जकार्ता एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ रजत पदक।
  • 2019: दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा।
  • 2023: हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तानी करते हुए स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका।
  • सम्मान: अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित।
  • नौकरी: भारतीय रेलवे में कार्यरत।
  • रितु नेगी ने बिलासपुर स्थित खेल छात्रावास में कबड्डी का प्रशिक्षण लिया था। वह लंबे समय से प्रदेश से बाहर रहकर खेल रही हैं और रेलवे की ओर से भी खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेती रही हैं।

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