शिमला। हिमाचल प्रदेश के एक बेगुनाह शख्स की चंडीगढ़ के एक नामी मेडिकल स्टोर में सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आए जम्मू के दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के शूटरों ने पूछताछ में जो राज उगले हैं, उसने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। दो शूटरों ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें किसी विशेष नाम के व्यक्ति को नहीं, बल्कि एक खास हुलिए वाले चश्माधारी व्यक्ति को मारने की सुपारी दी गई थी। इसी गलत पहचान के कारण मेडिकल स्टोर पर कार्यरत कैशियर जानकी दास उनकी गोलियों का शिकार बन गए।

गलत पहचान ने ले ली हिमाचली युवक की जान

जांच में सामने आया है कि शूटरों को एक भारी.भरकम शरीर वाले और चश्मा पहनने वाले व्यक्ति की पहचान बताई गई थी। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि जिस व्यक्ति का हुलिया उन्हें बताया गया है, उसी को निशाना बनाना है। जब आरोपी सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट पहुंचे तो काउंटर पर बैठे जानकी दास चश्मा लगाए हुए थे। उनका हुलिया आरोपियों को दिए गए विवरण से मिलता-जुलता लगा और उन्होंने बिना किसी पुष्टि के उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। पुलिस का मानना है कि जानकी दास संभवतः गलत पहचान का शिकार हुए और असली लक्ष्य कोई अन्य व्यक्ति हो सकता है। इसी एंगल को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

हिमाचल के शख्स की गोली मार कर दी थी हत्या

बता दें कि तीन दिन पहले ही चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में एक मेडिकल स्टोर में दो शूटरों ने कैशियर की गोली मार कर हत्या कर दी थी। कैशियर हिमाचल के शिमला जिला के रोहड़ू के रहने वाले थे। इस मामले में पुलिस ने दो शूटरों को जम्मू से गिरफ्तार कर लिया है। 

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कई मेडिकल स्टोरों पर भटके थे शूटर

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वारदात को अंजाम देने से पहले वे सेक्टर-11 क्षेत्र में मौजूद कई मेडिकल स्टोरों पर गए थे। उनका मकसद बताए गए हुलिए वाले व्यक्ति की तलाश करना था। हालांकि शुरुआत में उन्हें ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला। काफी देर तक तलाश करने के बाद जब वे श्री कुमार केमिस्ट पहुंचे तो काउंटर पर बैठे जानकी दास उन्हें वही व्यक्ति लगे जिसकी पहचान उन्हें बताई गई थी। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए।

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फोन करने पर थी सख्त पाबंदी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शूटरों को वारदात के दौरान किसी भी तरह की फोन कॉल करने की अनुमति नहीं थी। उन्हें साफ निर्देश दिए गए थे कि घटना स्थल के आसपास मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना है ताकि पुलिस तकनीकी निगरानी के जरिए उन तक न पहुंच सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस योजना को काफी सोच.समझकर तैयार किया गया था और आरोपियों को हर कदम पर सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए थे।

तीसरा आरोपी भी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने अब तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपी अमित को सांबा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जो इस गैंग का मुख्य किंगपिन बताया जा रहा है। पुलिस को अमित कुमार और इसके साथियों से हथियारों की बड़ी खेप भी बरामद की है। इससे पहले गुरुवार को चंडीगढ़ पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने भी इसकी जानकारी दी थी कि अमित कुमार ही इस पूरे मामले में मुख्य किंगपिन है।

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तुर्किये निर्मित पिस्टल से बरसाईं गोलियां

पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया था। मेडिकल स्टोर पहुंचते ही उन्होंने जानकी दास पर लगातार गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी।

जम्मू के शूटरों का इस्तेमालए जांच एजेंसियां सतर्क

मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार इस हत्या में शामिल तीनों आरोपी जम्मू-कश्मीर से जुड़े हुए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि चंडीगढ़ में किसी संगठित हत्या के लिए जम्मू.कश्मीर के युवकों का इस्तेमाल किए जाने का यह पहला मामला माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची, असली टारगेट कौन था और जानकी दास की हत्या के पीछे क्या पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।

पंजाब कनेक्शन भी जांच के दायरे में

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सनी मेहराए आर्यन शर्मा और उनका साथी अमित लंबे समय से पंजाब के खरड़ क्षेत्र में अपने परिचितों के संपर्क में थे। पुलिस अब उनके संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस हत्याकांड के पीछे संगठित अपराध से जुड़े कुछ और चेहरे भी सामने आ सकते हैं। पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई हैं।

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