कांगड़ा। धौलाधार की शांत वादियों में 19 और 20 सितंबर की दरमियानी रात गूंजे गोलियों के शोर ने धर्मशाला शहर की नींद उड़ा दी थी। कोतवाली बाजार के पास हुई इस वारदात ने न केवल स्थानीय लोगों को दहशत में डाला, बल्कि पुलिस प्रशासन के लिए भी यह मामला चुनौती बन गया। गनीमत रही कि गोली युवक को छूकर निकल गई और उसकी जान बच गई।
मामूली कहासुनी से निकली गोलियां
जानकारी के अनुसार, स्थानीय युवकों और बाहरी व्यक्तियों के बीच हुई कहासुनी अचानक हिंसा में बदल गई। इसी दौरान आरोपियों ने पिस्तौल निकालकर फायर कर दिया। शहर में यह खबर फैलते ही लोगों में डर का माहौल बन गया। रातभर लोग असमंजस में रहे कि आखिर धर्मशाला जैसी शांत जगह पर इतनी बड़ी वारदात कैसे हो सकती है।
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ब्लाइंड केस बना, पुलिस ने चुनौती मानी
वारदात के तुरंत बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। न कोई गवाह, न ठोस सबूत-यह मामला पुलिस के लिए ब्लाइंड केस की तरह था। लेकिन कांगड़ा पुलिस ने इसे अपनी साख से जोड़ते हुए विशेष टीम गठित की और तेजी से सुराग जुटाने शुरू किए।
32 घंटे में अमृतसर से गिरफ्तारी
तकनीकी निगरानी, गुप्त सूचना तंत्र और पंजाब में लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने घटना के सभी पांचों आरोपियों को महज 32 घंटे में अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस कार्रवाई को अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा उदाहरण बताया।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी गुरदासपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों से वारदात के दौरान प्रयोग की गई कार भी जब्त कर ली है। आरोपियों की पहचान-
- जसप्रीत सिंह (30) निवासी राजगढ़ नंगल- मुख्य आरोपी, जिसने गोली चलाई
- रणजीत सिंह (28) निवासी कोटला बाजा सिंह
- अर्शप्रीत सिंह (31) निवासी राजगढ़ नंगल
- जितेंद्र सिंह (24) निवासी नवरूप नगर, बटाला
- नीरज (26) निवासी कड़ी हट्टी रोड, खजूरी गेट, बटाला
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दर्ज हुआ मुकदमा
धर्मशाला थाने में इस मामले पर अभियोग संख्या 153/2025 दर्ज हुआ है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 191(2), 191(3), 190, 352, 115(2), 351(3), 109 और आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25 शामिल की गई हैं।
पुलिस की जीरो टॉलरेंस
SP अशोक रतन ने कहा कि अपराध चाहे छोटा हो या बड़ा, कांगड़ा पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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क्यों खास है यह कार्रवाई?
घटना को ब्लाइंड केस माना जा रहा था, मौके पर कोई सुराग नहीं था। पुलिस ने सिर्फ 32 घंटे में सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए। पड़ोसी राज्य पंजाब में लगातार दबिश देकर अमृतसर से गिरफ्तारी की गई।
जनता ने ली राहत की सांस
गोलियों की गूंज से सहमे धर्मशाला के लोगों ने पुलिस की इस तेज कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। स्थानीय दुकानदारों और आम नागरिकों का कहना है कि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी ने लोगों के मन से डर को काफी हद तक कम कर दिया है।
