बद्दी, सोलन। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस और ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन की संयुक्त टीम ने संधोली रोड के पास एक गोदाम में दबिश देकर भारी मात्रा में ऐसी दवाइयां और पदार्थ बरामद किए हैं, जिनका नशे के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है। कार्रवाई के दौरान लाखों नशीली गोलियां, हजारों कैप्सूल, 43.22 किलोग्राम पाउडर, कोडीन युक्त सिरप और करीब 49.14 किलोग्राम विभिन्न दवाओं की प्रिंटेड फॉयल बरामद हुई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस गोदाम में इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण किया गया था, उसके लिए कोई वैध ड्रग लाइसेंस मौजूद नहीं था। इस कार्रवाई के बाद बद्दी के औद्योगिक क्षेत्र में नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच तेज हो गई है।
हरियाणा से मिले इनपुट के बाद बद्दी में कार्रवाई
पूरे मामले की कड़ी हरियाणा में पकड़ी गई नशीली दवाओं की एक खेप की जांच से जुड़ती है। हरियाणा पुलिस द्वारा हाल ही में नशे के लिए दुरुपयोग होने वाली दवाओं की खेप पकड़े जाने के बाद जांच आगे बढ़ी।
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जांच के दौरान बद्दी की फर्म एएस केमिकल से जुड़े एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए बुलाया गया। इसी पड़ताल से बद्दी में संचालित एक गोदाम और कथित नेटवर्क से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। हरियाणा पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर बद्दी पुलिस ने ड्रग विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की।
26 अगस्त की रात गोदाम पर पहुंची संयुक्त टीम
सूचना के आधार पर बद्दी पुलिस और ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन की संयुक्त टीम ने 26 अगस्त की रात संधोली रोड के समीप स्थित गोदाम में दबिश दी। कार्रवाई में एसएचओ बद्दी डॉ. शिव राम, ड्रग इंस्पेक्टर अक्षय ठाकुर और ड्रग इंस्पेक्टर हरीश रणौत समेत संबंधित अधिकारी शामिल रहे। गोदाम की तलाशी एएस केमिकल वक्र्स प्राइवेट लिमिटेड की अकाउंट्स मैनेजर इंदुबाला की मौजूदगी में ली गई। तलाशी के दौरान गत्ते की पेटियों, बोरियों और अलग-अलग पैकेटों में बड़ी मात्रा में दवाइयां और अन्य सामग्री बरामद हुई।
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3 लाख से ज्यादा अल्प्राजोलम की गोलियां बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस और ड्रग विभाग की टीम को क्लोनाजेपाम 0.25/0.5 एमजी की 55,650 गोलियां मिलीं। इसके अलावा अल्प्राजोलम 0.5/1 एमजी की 3,05,518 गोलियां बरामद की गईं। वहीं, टीम ने ट्रामाडोल-डाइसाइक्लोमाइन के 19,245 कैप्सूल और ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड की 3,100 गोलियां भी बरामद की हैं। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां अब इनके स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।
43.22 किलो पाउडर और कोडीन सिरप भी मिला
गोलियों और कैप्सूल के अलावा गोदाम से बड़ी मात्रा में पाउडर भी बरामद किया गया। टीम को ट्रामाडोल, क्लोनाजेपाम और अल्प्राजोलम से संबंधित 20.96 किलोग्राम पाउडर मिला।
इसके अतिरिक्त 22.26 किलोग्राम ट्रामाडोल पाउडर भी बरामद हुआ। कुल मिलाकर पाउडर की मात्रा 43.22 किलोग्राम बताई गई है। तलाशी के दौरान कोडीन फॉस्फेट एवं ट्रिप्रोलिडीन सिरप की 41 बोतलें भी मिलीं। दवाओं की पैकिंग और उनसे संबंधित करीब 49.14 किलोग्राम प्रिंटेड फॉयल भी बरामद की गई है।
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गोदाम के लिए नहीं था वैध ड्रग लाइसेंस
जांच के दौरान सामने आया कि गोदाम में दवाओं के भंडारण के लिए कोई वैध ड्रग लाइसेंस नहीं था। इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं के बिना वैध लाइसेंस भंडारण को लेकर भी संबंधित विभाग जांच कर रहा है। पुलिस के अनुसार गोदाम अंकित कौशल ने कर्मचारी सरोज के माध्यम से परिसर के मालिक राजन पुत्र गुरबचन सिंह से किराए पर लिया था।
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अंकित कौशल का नाम पहले भी जांच में आया
इस मामले में पुलिस ने अंकित कौशल (38) पुत्र कमलापति कौशल, निवासी जैस, तहसील तिलोई, जिला अमेठी, उत्तर प्रदेश के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार अंकित कौशल का नाम इससे पहले भी नशीली दवाओं से जुड़े एक बड़े मामले की जांच में सामने आ चुका है। वह फिलहाल धर्मशाला में ट्रांजिट रिमांड पर बताया जा रहा है। अब बद्दी पुलिस इस बरामदगी को पहले सामने आए मामलों से जोड़कर भी जांच कर रही है।
क्या कहते हैं पुलिस और दवा नियंत्रक अधिकारी
इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं और संबंधित सामग्री की बरामदगी के बाद पुलिस का फोकस अब पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने पर है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दवाओं की यह खेप कहां से आई, गोदाम में किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसे आगे किन स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, एसपी बद्दी विनोद धीमान ने बताया कि मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बद्दी जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में नशीली दवाओं की इतनी बड़ी खेप का पकड़ा जाना गंभीर मामला माना जा रहा है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन के बारे में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है।
