#अपराध
August 28, 2026
हिमाचल में बाप-बेटे का कारनामा: फर्जी बिलों से हड़प ली लाखों की सरकारी सब्सिड़ी, 3 पर केस दर्ज
जिसके नाम पर बिल, पंचायत रिकॉर्ड में उसका नाम ही नहीं
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जवाली क्षेत्र में बागवानी विभाग की योजनाओं में लाखों रुपये की सब्सिडी को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी बिल-वाउचर और गलत दस्तावेजों के जरिए सरकारी सब्सिडी ली गई। मामले में विजिलेंस ने जांच तेज करते हुए बागवानी विभाग से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
ब्यूरो की जांच में आरोप है कि टिशू कल्चर यूनिट की लागत को बढ़ाकर दिखाया गया और इसके आधार पर 36.42 लाख रुपये की सरकारी सब्सिडी ली गई। शिकायत की जांच के दौरान पता चला कि वर्ष 2020 में टिशू कल्चर यूनिट लगाने पर करीब 93.48 लाख रुपये खर्च होने की बात बताई गई थी। इसके बदले 36.42 लाख रुपये की सब्सिडी ली गई। जांच में कई बिलों और दस्तावेजों में गड़बड़ियां सामने आई हैं।
जांच के दौरान एक ऐसा बिल भी मिला, जो एक व्यक्ति के नाम पर बनाया गया था, लेकिन पंचायत के रिकॉर्ड में उस व्यक्ति का कोई पता नहीं चला। वहीं, एक दूसरी फर्म के असली बिल की तुलना में विभाग के रिकॉर्ड में कई गुना ज्यादा रकम दिखाई गई थी। एक ठेकेदार ने भी अपने नाम पर दिखाए गए लाखों रुपये के काम और बिल जारी करने से साफ इनकार किया है।
जांच में आरोपी के पिता के नाम पर तीन पॉलीहाउस और फल पौधरोपण परियोजना के लिए करीब 20.30 लाख रुपये की सब्सिडी लेने का मामला भी सामने आया है। ब्यूरो अब इन योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान की जांच कर रहा है।
जांच के दौरान एक अन्य मामले में 6.99 लाख रुपये की सब्सिडी से जुड़ा पॉलीहाउस मौके पर मौजूद ही नहीं मिला। इसके अलावा सरकारी रिकॉर्ड में एक व्यक्ति का नाम दर्ज था, जबकि फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की लगी हुई थी। जांच में कुछ रिकॉर्ड को नष्ट किए जाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि मौके पर कुछ निर्माण और अन्य संरचनाएं मिली हैं, लेकिन जांच में परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर बार-बार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की बात सामने आई है। इससे ब्यूरो को योजनाओं के आपसी मिलीभगत से गलत इस्तेमाल किए जाने का शक है। अब विभाग से मिले दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।