सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में अपराधिक गतिविधियों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। आए दिन हिमाचल में लड़ाई, झगड़े और मारपीट की खबरें सामने आती रहती हैं। कभी जमीनी विवाद तो कभी अन्य बातों पर लोग आपसी रंजिश का शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल के सिरमौर जिला से सामने आया है।

दिन-दिहाड़े तेजधार हथियार से हमला

यहां पावंटा साहिब के सूरजपुर में दिन-दिहाड़े एक युवक पर तेजधार हथियार से हमला हुआ है। युवक पर हमला चार-पांच लोगों ने किया है। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह भी पढ़ें: हिमाचल : शेयर मार्केट से मोटा ब्याज कमाने चला था युवक, लगा 1.25 करोड़ का चूना

गंभीर घायल हुआ 22 वर्षीय शेर खान

घायल युवक की पहचान 22 वर्षीय शेर खान के रूप में हुई है- जो कि मिश्रवाला के रूप में हुई है। शेर खान को पावंटा साहिब के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया है।

खून से लथपथ होकर गिरा जमीन पर

मिली जानकारी के अनुसार, शेर खान पर चार से पांच लोगों ने हमला किया है। हमला होते ही वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह भी पढ़ें: इंडेन गैस कंंपनी में धांधली! बिना गैस सिलेंडर मिले डिलिवरी का आया मैसेज

हिमाचल में बढ़ रहे अपराधिक मामले

आपको बता दें कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश में तेजधार हथियारों से होने वाले अपराधों की बढ़ती घटनाएं समाज की सुरक्षा और शांति को गंभीर खतरे में डाल रही हैं। इन घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी उपायों की आवश्यकता है ताकि इस सुंदर राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसमें सबसे पहला कदम कानून और व्यवस्था को सख्त बनाना होगा। स्थानीय पुलिस बल को तेजधार हथियारों की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। इसके लिए पुलिस चेक पोस्ट और सघन गश्त का कार्यान्वयन आवश्यक है। तेजधार हथियारों की गैर-कानूनी तस्करी और बिक्री के मामलों में सख्त कानूनी दंड की व्यवस्था की जानी चाहिए। यह भी पढ़ें: चाबी के खेल ने फंसाया- नशे में धुत सूबेदार उठा ले गया किसी और की कार इसके अलावा सामुदायिक जागरूकता और शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। स्थानीय समुदायों और संगठनों को इस दिशा में पहल करनी चाहिए, जैसे कि युवाओं को आत्म-संयम और हिंसा के खिलाफ शिक्षा देना आदि। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन कर उन्हें तेजधार हथियारों के खतरों के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए हमेशा प्रयास किए जाने चाहिए। जैसे कि आप सब पाठक अच्छे से जानते ही हैं कि, बेरोजगारी और सामाजिक असंतोष के कारण हिंसा में वृद्धि होती है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को रोजगार के अवसर प्रदान करने वाले कार्यक्रमों को लागू करना चाहिए, जिससे युवा वर्ग को वैकल्पिक गतिविधियों और रोजगार की दिशा मिल सके। यह भी पढ़ें: सेब मार्केट धड़ाम- 300 से 400 रुपये कम हुआ पेटी का दाम, बागवान हताश इसके साथ ही, क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को भी अपनी भूमिका बखूबी निभानी चाहिए। समाज में आपसी सहयोग और समझ को बढ़ावा देना चाहिए। विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की प्रवृत्ति को अपनाना और हथियारों के प्रयोग से बचना चाहिए।

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