सोलन। कई बार इंसान अपने साथ हुई बेइज्जती या मानसिक पीड़ा को अंदर ही अंदर सहता रहता है। जब तनाव बढ़ जाता है तो कुछ लोग ऐसे खौफनाक कदम उठा लेते हैं, जिससे पीछे रह गए परिवार को जिंदगीभर का दर्द झेलना पड़ता है। ऐसा ही एक दुखद मामला हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से सामने आया है, जहां एक युवक ने मानसिक तनाव के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

कंपनी में काम करता था व्यक्ति 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला सोलन के बरोटीवाला स्थित माइक्रो सीमलैस कंपनी का है। व्यक्ति इसी कंपनी में नौकरी करता था। वह रोजाना कंपनी की बस से अपने काम पर जाता था। कंपनी की ओर से कर्मचारियों को लाने और ले जाने के लिए बस की सुविधा दी गई थी।

 

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ड्यूटी पर गया था, लेकिन घायल हालत में लौटा

बता दें कि बीते 25 जून की शाम कुशल रोज की तरह कंपनी की बस में बैठकर ड्यूटी के लिए गया था। रात करीब साढ़े 10 बजे अचानक कंपनी की एंबुलेंस उसे घर लेकर पहुंची। उस समय कुशल के सिर और चेहरे पर चोटें लगी हुई थीं। परिवार वाले उसे इस हालत में देखकर हैरान रह गए और पूरी घटना के बारे में पूछा।

पत्नी को बताई बस में हुई घटना

कुशल की पत्नी पूजा ने पुलिस को बताया कि घर आने के बाद उसके पति ने बताया कि कंपनी की बस में किसी बात को लेकर ड्राइवर से उसका विवाद हो गया था। इसके बाद बस ड्राइवर रोहित निवासी रामपुर जंगी, जिला पंचकूला ने उसके साथ मारपीट की। कुशल ने बताया कि यह सब कंपनी के अन्य कर्मचारियों के सामने हुआ, जिससे वह काफी आहत हो गया था।

 

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IGMC अस्पताल में हुआ था इलाज

मारपीट के बाद कंपनी की तरफ से कुशल को इलाज के लिए बद्दी स्थित IGMC अस्पताल भेजा गया था। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और बाद में उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद वह वापस अपने घर आ गया, लेकिन घर पहुंचने के बाद भी वह घटना को लेकर लगातार परेशान रहा।

पूरी रात अपनी बेइज्जती की बात करता रहा

पत्नी पूजा के मुताबिक, घर आने के बाद उसका पति काफी तनाव में था। वह बार-बार यही कह रहा था कि बस में सभी लोगों के सामने उसके साथ मारपीट हुई, जिससे उसकी बहुत बेइज्जती हो गई है। वह कह रहा था कि अब वह कंपनी में किसी कर्मचारी का सामना नहीं कर पाएगा। परिवार वालों ने उसे समझाने की कोशिश की और हिम्मत देने का प्रयास किया, लेकिन उसकी परेशानी कम नहीं हुई।

 

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सुबह भी नहीं बदली उसकी हालत

अगली सुबह भी व्यक्ति उसी घटना को लेकर परेशान रहा। परिवार ने उसे सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार वही बातें दोहराता रहा। कुछ देर बाद उसकी हालत और ज्यादा खराब हो गई और वह कमरे में चला गया।

पत्नी नीचे गई तो पीछे हुआ हादसा

बताया गया कि कुछ देर बाद व्यक्ति कमरे से जोर-जोर से आवाज लगाने लगा। उसकी पत्नी जब नीचे गई तो थोड़ी देर बाद वापस आई, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिवार को शक हुआ।

 

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खिड़की से देखा तो फंदे पर लटका मिला

परिजनों ने खिड़की से अंदर देखा तो व्यक्ति ने चुन्नी का फंदा बनाकर पंखे से लटककर आत्महत्या का प्रयास किया था। यह देखकर परिवार वालों के होश उड़ गए। आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और कुशल को नीचे उतारा गया।

अस्पतालों में कराया गया इलाज, नहीं बच सकी जान

व्यक्ति को तुरंत पिंजौर के जेएन शौरी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे सेक्टर-6 पंचकूला रेफर कर दिया। इसके बाद उसे चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 27 जून की रात करीब 12:30 बजे उसकी मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान पिंजौर की रतपुर कॉलोनी निवासी 37 वर्षीय कुशल कुमार के रूप में हुई है। 

 

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पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस

घटना के बाद पिंजौर थाना पुलिस ने कुशल की पत्नी की शिकायत के आधार पर बस ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 108 BNS के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौके पर सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाकर जांच करवाई गई है।